HDFC बैंक में HDFC लिमिटेड के प्रस्तावित विलय के बाद HDFC बैंक का साइज उसकी प्रतिद्वंदी ICICI बैंक से दोगुना हो जाएगा। साथ ही इसका मार्केट शेयर बढ़ेगा और रेवेन्यू के स्रोतों में विविधता आएगी। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को एक नोट में ये बातें कहीं।
भारत की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी HDFC का विलय, देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक में होने जा रहा है। यह देश के कॉरपोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा विलय होगा और इसके बाद HDFC बैंक एक विशाल बैंक के रूप में उभरेगा।
इस विलय के पूरा होने के बाद HDFC बैंक का सभी 100 फीसदी शेयर पब्लिक शेयरहोल्डरों के पास होगा। साथ ही HDFC लिमिटेड के मौजूदा शेयरधारकों के पास बैंक की 41 फीसदी हिस्सेदारी होगी।
S&P ने कहा कि HDFC लिमिटेड देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। ऐसे में विलय के बाद HDFC बैंक को मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिलेगी। विलय से HDFC बैंक का लोन बुक 42 फीसदी बढ़कर 18 लाख करोड़ रुपये (237 बिलियन अमरीकी डालर) हो जाएगा, जिससे बैंक का मार्केट शेयर 11 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी पर पहुंच जाएगा।
S&P ने कहा एक नोट में कहा, "विलय के बाद HDFC बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बना रहेगा, लेकिन इसका आकार देश के तीसरे सबसे बड़े बैंक, ICICI बैंक लिमिटेड का करीब दोगुना होगा। HDFC बैंक की बड़ी बैलेंस शीट से इसके लिए बड़े साइज के लोन देने के मौके बढ़ सकते हैं।" फिलहाल, सरकार के स्वामित्व वाला SBI देश का सबसे बड़ा बैंक है।
विलय से पहले HDFC और HDFC बैंक को कई नियामकीय और कानूनी शर्तों को पूरा करना होगा, जिसमें करीब 12 से 18 महीने लग सकते हैं।
S&P ने कहा, "HDFC बैंक में उसकी पैरेंट कंपनी HDFC लिमिटेड के प्रस्तावित विलय से बैक का मार्केट शेयर बढ़ेगा और उसके रेवेन्यू में विविधता आएगी।" इसने कहा कि विलय के बाद HDFC बैंक का करीब एक तिहाई आमदनी मार्टगेज लोन से आएगा, जो फिलहाल अभी 11 फीसदी है।
S&P ने कहा कि अगले तीन से पांच सालों में ज्वाइंट कंपनी की आय में सुधार हो सकता है। साथ ही विलय से बैंक को HDFC के ग्राहकों के एक बड़े हिस्से तक पहुंच मिलेगी, जिन्हें वह उत्पादों की क्रॉस-सेलिंग कर मुनाफा कमा सकता है।