केंद्रीय जांच एजेंसी ED ने होरी मोटोकॉर्प (Hero Motocorp) के एग्जेक्यूटिव चेयरमैन पीके मुंजाल समेत अन्य के यहां छापेमारी में करीब 25 करोड़ रुपये की देशी-विदेशी करेंसी और गोल्ड-डायमंड के गहने जब्त किए हैं। इसके अलावा ईडी ने हार्ड डिस्क, मोबाइल और कुछ डॉक्यूमेंट्स भी जब्त किए हैं। हालांकि ईडी ने इस कार्रवाई में हर एक स्थान से कितनी राशि जब्त की है, इसका खुलासा नहीं किया है। ईडी ने देश की सबसे बड़ी दोपहिया कंपनी हीरो के मालिक मुंजाल, हेमंत दहिया, केआर रमन, हीरो मोटोकॉर्प और हीरो फिनकॉर्प के दिल्ली और गुरुग्राम में स्थित घर और ऑफिस पर मंगलवार को छापेमारी की थी। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में की गई थी। हीरो की तरफ से भी कोई जवाब नहीं आया है सिवाय इसके कि वह ईडी के साथ जांच में पूरी सहयोग कर रही है।
किस मामले में ED कर रही कार्रवाई
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) की जांच इकाई डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) की चार्जशीट के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के विभिन्न प्रावधानों के तहत यह मामला दर्ज किया है। इस मामले को कस्टम्स एक्ट (एवेजन ऑफ ड्यूटी ऑर प्रॉहिबिशन्स) के धारा 135 के तहत दिल्ली कोर्ट में फाइल किया गया है। डीआरआई ने पीके मुंजाल, अमित बाली, हेमंत दहिया, केआर रमन और कुछ व्यक्तियों के साथ-साथ एक थर्ड पार्टी सर्विसेज प्रोवाइडर कंपनी साल्ट एक्सपीरियंस एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (SEMPL) के खिलाफ विदेशी करेंसी जैसी प्रतिबंधित वस्तुओं को ले जाने, निर्यात करने की कोशिश और अवैध निर्यात के आरोप में मामला दर्ज किया है।
ईडी का क्या कहना है इस मामले में
केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी का कहना है कि SEMPL ने अवैध तरीके से 2014-2015 से 2018-2019 के दौरान करीब 54 करोड़ रुपये की विदेशी करेंसी निर्यात की। इन पैसों का इस्तेमाल पीके मुंजाल के व्यक्तिगत खर्चों के लिए किया गया। ईडी का आरोप है कि एसईएमपीएल ने हेमंत दहिया, मुदित अग्रवाल, अमित मक्कड़, गौतम कुमार, विक्रम बजाज और केतन कक्कड़ जैसे कुछ एंप्लॉयीज के नाम पर सालाना मंजूरी से अधिक विदेशी करेंसी जारी की। इसके अलावा इसने अन्य एंप्लॉयीज के नाम पर भारी मात्रा में फॉरेन एक्सचेंज/ट्रैवल फॉरेक्स कार्ड निकाले, जिन्होंने कभी विदेशी यात्रा नहीं की।
पिछले साल भी Hero के यहां पड़ा था छापा
ऐसा पहली बार नहीं है जब हीरो केंद्रीय जांच एजेंसियों के रडार पर आई है। पिछले साल मार्च में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्स छिपाने की जांच के मामले में हीरो और मुंजार के यहां छापा मारा था। उस समय आईटी विभाग की एडमिनिस्ट्रेटिव अथॉरिटी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने कहा था कि खोजबीन के दौरान 800 करोड़ रुपये से अधिक कथित अवैध कारोबारी खर्चे मिले हैं। इसके अलावा 60 करोड़ रुपये की अनअकाउंटेड नकदी का इस्तेमाल दिल्ली में जमीन खरीदने में किया गया था। इसके अलावा कुछ शेल कंपनियों की भी जानकारी सामने आई थी।