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नौकरी करने वाले हर व्यक्ति को इन 4 कानूनों की पूरी जानकारी जरूर रखनी चाहिए, कंपनी आपको डरा नहीं पाएगी

अगर आप नौकरी करते हैं तो आपको कानून के तहत कई तरह के अधिकार मिले हुए हैं। नौकरी करने वाले हर व्यक्ति को इन अधिकारों के बारे में जरूर जानना चाहिए। इससे वर्कप्लेस में आपको किसी तरह की दिक्कत आने पर बड़ी मदद मिल जाएगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 05, 2023 पर 2:38 PM
नौकरी करने वाले हर व्यक्ति को इन 4 कानूनों की पूरी जानकारी जरूर रखनी चाहिए, कंपनी आपको डरा नहीं पाएगी
इंडिया में लेबर लॉज में सैलरीड एंप्लॉयीज की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है। इंडस्ट्रियल डिसप्यूट्स एक्ट ऑफ 1947 में 'वर्कमैन' को ऐसा व्यक्ति बताया गया है जो इंडस्ट्री में शारीरिक, अनस्किल्ड, स्किल्ड, टेक्निकल, ऑपरेशनल, क्लेरिकल या सुपरवायजरी काम के लिए रखा जाता है।

पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं, जिनमें न्याय के लिए एंप्लॉयीज ने कंपनियों को कोर्ट में घसीटा है। पिछले साल आईटी कंपनी Infosys को सेंट्रल लेबर कमीशन का नोटिस मिला था। बाद में कर्नाटक लेबर डिपार्टमेंट ने भी कंपनी को तलब किया था। यह मामला एंप्लॉयमेंट एग्रीमेंट्स में नॉन-कंपीट क्लॉज से जुड़ा था। चेन्नई ने TSC को उसके एक एंप्लॉयी को नौकरी पर वापस रखने का आदेश दिया था, जिसे कंपनी ने 2015 में हटा दिया था। कोर्ट ने टीसीएस को पूरे सात की सैलरी और दूसरे फायदे भी देने को कहा था। ये ऐसे कुछ उदाहरण हैं, जो बताते हैं कि एंप्लॉयी की मदद के लिए कई कानून पहले से मौजूद हैं। कंपनियां मनमानी तरीके से उन्हें नौकरी से नहीं हटा सकती या डरा नहीं सकतीं। मनीकंट्रोल ने कुछ एक्सपर्ट्स से यह जानने की कोशिश की कि एंप्लॉयीज को किन प्रमुख कानूनों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए।

नौकरी जाने पर सुरक्षा के प्रावधान

इंडिया में लेबर लॉज में सैलरीड एंप्लॉयीज की स्पष्ट परिभाषा नहीं दी गई है। इंडस्ट्रियल डिसप्यूट्स एक्ट ऑफ 1947 में 'वर्कमैन' को ऐसा व्यक्ति बताया गया है जो इंडस्ट्री में शारीरिक, अनस्किल्ड, स्किल्ड, टेक्निकल, ऑपरेशनल, क्लेरिकल या सुपरवायजरी काम के लिए रखा जाता है। इसके तहत एप्रेंटिस भी आते हैं। यहां यह ध्यान देने की जरूरत है कि इस कानून में मैनेजिरियल या एडमिनिस्ट्रेटिव कैपेसिटी को बाहर रखा गया है। 'वर्कमैन' कैटेगरी में आने वाले लोगों के लिए सेक्शन 25 बहुत अहम है। यह सेक्शन एंप्लॉयीज को कुछ खास स्थितियों में छंटनी (नौकरी से हटाए जाने) से सुरक्षा प्रदान करता है।

सिंघानिया एंड कंपनी में पार्टनर कुणाल शर्मा ने बताया कि अगर किसी establishment (कंपनी) में रोजाना काम करने वाले वर्कर्स की संख्या पिछले 12 महीने में औसतन 100 या ज्यादा रही है तो कंपनी को किसी एंप्लॉयी को नौकरी से हटाने से पहले सरकारी अथॉरिटी से एप्रूवल लेना होगा। इसके अलावा कंपनी को हटाए जा रहे एंप्लॉयी को नोटिस और मुआवजा (Compensation) भी देना होगा।

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