देश के 8 प्रमुख सेक्टर्स की ग्रोथ या उनका उत्पादन (Eight Core Sector Growth) अगस्त में धीमा होकर 3.3 फीसदी की दर से बढ़ा, जो जुलाई में 4.5 फीसदी था। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने शुक्रवार 30 सितंबर को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी। 3.3 फीसदी की यह कोर सेक्टर ग्रोथ पिछले 9 महीनों का सबसे कम आंकड़ा है। पिछले साल अगस्त में कोर सेक्टर ग्रोथ 12.2 फीसदी रहा था। इसका पिछला निचला स्तर नवंबर 2021 में 3.2 प्रतिशत का था।
मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक (अप्रैल-अगस्त 2022) 8 प्रमुख सेक्टर्स का उत्पादन 9.8 प्रतिशत बढ़ा है, जो एक साल पहले की इसी अवधि में 19.4 प्रतिशत था। इन 8 सेक्टर्स में कोयला, क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और पावर (बिजली) सेक्टर शामिल है।
कॉमर्स मिनिस्ट्री की तरफ से जारी आंकडों के मुताबिक, अगस्त में कोयले का उत्पादन सालाना आधार पर 7.6 प्रतिशत बढ़ा। वहीं बिजली उत्पादन में 0.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। एक साल पहले की तुलना में रिफाइनरी प्रोडक्ट का उत्पादन 7 फीसदी बढ़ा, जबकि फर्टिलाइजर्स में 11.9 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अगस्त में सीमेंट उत्पादन 1.8 प्रतिशत बढ़ा जबकि स्टील के उत्पादन में 2.2 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। क्रूड ऑयल का उत्पादन एक साल पहले की तुलना में 3.3 फीसदी की गिरावट आई है। अगस्त में नैचुरल गैस का उत्पादन 0.9 प्रतिशत गिरा।
दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच भारतीय इकोनॉमी के जहां इस साल सबसे तेजी से बढ़ने का अनुमान है। वहीं दूसरी तरफे इसे इस दौरान कई चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। इसमें ग्लोबल लेवल पर मंदी की बढ़ती आशंका, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरों को लेकर सख्ती और रूस-यूक्रेन युद्ध के पड़ने वाले असर जैसी चुनौतियां शामिल हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी मई के बाद से मॉनिटरी पॉलिसी में आक्रामक रुप से सख्ती की है और आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी जारी रहने का अनुमान है।
RBI ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भारत के GDP (ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट) ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 7 फीसदी कर दिया है, जो इससे पहले 7.2 फीसदी था। जून तिमाही के दौरान जीडीपी में 13.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जो इसकी पिछली तिमाही में 4.1 फीसदी था।