चाइनीज मोबाइल कंपनियों को बड़ा झटका देने की तैयारी में सरकार, ₹12,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट में हो सकती हैं बैन

भारत सरकार के इस कदम से शाओमी (Xiaomi) जैसी चाइनीज कंपनियों को बड़ा झटका लग सकता है, जो बजट स्मार्टफोन बेचने में नंबर 1 कंपनी है

अपडेटेड Aug 08, 2022 पर 6:33 PM
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चाइनीज कंपनियों को बैन करने से देश की घरेलू मोबाइल कंपनियों के बिजनेस में नई जान आ सकती है

भारत सस्ते मोबाइल फोन सेगमेंट में चीन की स्मार्टफोन कंपनियों (Chinese Smartphone Companies) को बैन करने की तैयारी कर रहा है। इस कदम से देश की घरेलू मोबाइल कंपनियों के बिजनेस में नई जान आ सकती है। न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार 12,000 रुपये (करीब 150 डॉलर) से कम कीमत वाले मोबाइल फोन सेगमेंट में चीन की स्मार्टफोन कंपनियों को प्रतिबंधित कर सकती है। इस कदम से शाओमी (Xiaomi) जैसी चाइनीज कंपनियों को बड़ा झटका लग सकता है, जो इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी है।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत सरकार चाइनीज स्मार्टफोन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए किसी नीति का ऐलान करेगी या वह अनौपचारिक रास्तों का इस्तेमाल करेगी। इस योजना की चर्चा ऐसे समय में आई है, जब देश में लगातार ऐसी चिंताएं बढ़ रही हैं चाइनीज स्मार्टफोन ब्रांड्स, ने भारतीय कंपनियों के लिए बाजार में जगह ही नहीं छोड़ी है।


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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है। देश के एंट्री-लेवल स्मार्टफोन यानी 12,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन मार्केट का एक बड़ा मार्केट शेयर चाइनीज कंपनियों के पास है। पारंपरिक फीचर डिवाइसों को छोड़कर पहली बार स्मार्टफोन खरीदने वाले लोगों के बीच चाइनीज स्मार्टफोन लोकप्रिय हैं।

लावा और माइक्रोमैक्स जैसी भारतीय स्मार्टफोन कंपनियों ने करीब एक दशक पहले अपनी लॉन्चिंग के बाद काफी तेजी से सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन चाइनीज मोबाइल कंपनियों से तगड़े कॉम्पिटीशन के बीच अब वह अपना मार्केट शेयर खो चुकी हैं।

इस बीच शाओमी, ओप्पो और वीवो जैसी चाइनीज मोबाइल कंपनियां पहले से ही देश में कथित तौर पर टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच का सामना कर रही हैं। इससे पहले हुआवे टेक्नोलॉजीज़ (Huawei Technologies Co) और जेडटीई कॉर्प (ZTE Corp) के टेलीकॉम उपकरणों को बैन करने के लिए भारत सरकार ने अनौपचारिक साधनों का इस्तेमाल किया था, जबकि चीनी नेटवर्किंग गियर को प्रतिबंधित करने वाली कोई आधिकारिक पॉलिसी नहीं है।

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