Get App

भारतीय बाजार से चीनी CCTV कंपनियों की विदाई से देसी कंपनियों की चांदी, अब 80% मार्केट पर कब्जा

CCTV Camera Market: भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों से सीसीटीवी कैमरों के लिए नए नियम STQC सर्टिफिकेशन लागू किए हैं। 1 अप्रैल 2026 से उन कंपनियों को इंटरनेट-कनेक्टेड कैमरे बेचने की अनुमति नहीं है, जिनके चिपसेट, मेमोरी या सॉफ्टवेयर भारत के साथ जमीनी बॉर्डर साझा करने वाले चीन जैसे देशों से आते हैं

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 02, 2026 पर 12:52 PM
भारतीय बाजार से चीनी CCTV कंपनियों की विदाई से देसी कंपनियों की चांदी, अब 80% मार्केट पर कब्जा
भारतीय बाजार में अब केवल वही सीसीटीवी मॉडल बेचे जा सकते हैं जिन्हें सरकारी लैब से सुरक्षा प्रमाण पत्र मिला है

India's CCTV Market: भारत का सीसीटीवी बाजार एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। सुरक्षा मानकों को सख्त किए जाने के बाद Hikvision और Dahua जैसी दिग्गज चीनी कंपनियां इंटरनेट से चलने वाले (IP) कैमरा सेगमेंट से लगभग बाहर हो गई हैं। इसका सीधा फायदा CP Plus, Qubo और Sparsh जैसी भारतीय कंपनियों को हो रहा है जिनके लिए अब बड़ा बाजार खुल गया है।

क्यों बाहर हुईं चीनी कंपनियां?

भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों से सीसीटीवी कैमरों के लिए नए नियम STQC सर्टिफिकेशन लागू किए हैं। 1 अप्रैल 2026 से उन कंपनियों को इंटरनेट-कनेक्टेड कैमरे बेचने की अनुमति नहीं है, जिनके चिपसेट, मेमोरी या सॉफ्टवेयर भारत के साथ जमीनी बॉर्डर साझा करने वाले चीन जैसे देशों से आते हैं। भारतीय बाजार में अब केवल वही मॉडल बेचे जा सकते हैं जिन्हें सरकारी लैब से सुरक्षा प्रमाण पत्र मिला है। आपको बता दें कि अब तक 507 मॉडल्स को यह मंजूरी मिल चुकी है। कंपनियों को पुराना स्टॉक निकालने के लिए एक साल का समय दिया गया था, जो अब खत्म हो चुका है।

भारतीय कंपनियों की 'बल्ले-बल्ले'

सब समाचार

+ और भी पढ़ें