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होर्मुज संकट के बीच भारत ने बदली रणनीति, मार्च में रूस से मंगाया 90% ज्यादा कच्चा तेल

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज समुद्री मार्ग से आने वाली सप्लाई बाधित होने के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात करीब 90% तक बढ़ा दिया। हालांकि इस दौरान देश के कुल क्रूड आयात में लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 12:06 PM
होर्मुज संकट के बीच भारत ने बदली रणनीति, मार्च में रूस से मंगाया 90% ज्यादा कच्चा तेल
Crude Oil Imports: दुनिया की करीब 20 प्रतिशत क्रूड सप्लाई इसी होर्मुज समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज समुद्री मार्ग से आने वाली सप्लाई बाधित होने के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 में भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात करीब 90% तक बढ़ा दिया। हालांकि इस दौरान देश के कुल क्रूड आयात में लगभग 15% की गिरावट दर्ज की गई।

यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के पहरा बैठाने के चलते भारत की पारंपरिक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। पूरी दुनिया की करीब 20 प्रतिशत क्रूड सप्लाई इसी होर्मुज समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है।

होर्मुज संकट का सीधा असर

मिडिल ईस्ट से आने वाली एनर्जी सप्लाई पर भारी असर पड़ा है। पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात में करीब 40% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की सप्लाई भी काफी घट गई।

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