पहलगाम में हुए कायरना आतंकी हमले के बाद भारत अब पाकिस्तान के साथ सभी तरह के व्यापार बंद करने की राह पर है। इसी कड़ी में भारत सरकार ने फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) से पाकिस्तान को एक्सपोर्ट की जाने वाली सभी दवाओं और फार्मा उत्पादों की एक पूरी लिस्ट तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स (DoP) ने दिया है।
एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने हमारे सहयोगी Nesw18 को बताया, “हमने पाकिस्तान को भेजे जाने वाले दवाओं और उत्पादों की लिस्ट मांगी है। हम यह जानना चाहते हैं कि हम पाकिस्तान को क्या-क्या भेज रहे हैं। फार्मेक्सिल (Pharmexcil) इस पर काम कर रहा है और जल्द ही जानकारी साझा करेगा।”
यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और इसके जवाब में कई कड़े कदम उठाए हैं। वहीं, पाकिस्तान ने इन आरोपों को नकारते हुए भारत के खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई करते हुए व्यापारिक रिश्तों को तोड़ने का फैसला लिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स (DoP) ने पाकिस्तान को एक्सपोर्ट की जाने वाली दवाओं और फार्मा उत्पादों की लिस्ट को 'अर्जेंट' आधार पर मांगा है। फार्मेक्सिल के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान भारत के फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट मार्केट में 219 देशों में 38वें स्थान पर है। वित्त वर्ष 2023 में भारत ने पाकिस्तान को 19.14 करोड़ डॉलर का फार्मा एक्सपोर्ट किया था, जबकि वित्त वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 17.65 करोड़ डॉलर रहा। ताजा आंकड़ों के मुताबिक दोनों देशों के बीच फार्मा व्यापार लगभग 20 करोड़ डॉलर का है।
एक दूसरे सरकारी अधिकारी ने बताया, “दुबई पाकिस्तान के लिए एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है। भारत से दवाइयां और फार्मा उत्पाद पहले दुबई को भेजे जाते हैं, जहां से पाकिस्तान उन्हें इंपोर्ट करता है।” अधिकारी ने बताया कि भारत से पाकिस्तान को एक्सोर्ट किए जाने वाले अधिकतर उत्पाद एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडेंट (API) होते हैं। उन्होंने कहा, “अगर फार्मा व्यापार टूटता है तो भारत पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन पाकिस्तान को दवाइयों और API को दूसरे देशों से महंगे दरों पर खरीदनी पड़ेंगी।”
बता दें कि API को बल्क ड्रग्स भी कहा जाता है, जो किसी भी दवा का बनाने के लिए सबसे अहम मेडिकल कंपोनेंट होता है। उदाहरण के लिए, क्रोसिन टैबलेट में पैरासिटामोल एक API है।
यह पहली बार नहीं है जब भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव आया है। इससे पहले बालाकोट एयरस्ट्राइक और आर्टिकल 370 के हटाए जाने के बाद, पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि बाद में पाकिस्तान ने कई कैटेगरी में, खासकर फार्मा उत्पादों के लिए, प्रतिबंधों में ढील दी थी। ये ढील बताती है कि पाकिस्तान को इन दवाओं की कितनी जरूरत है।