अगर ब्रिटेन ने लगाया कार्बन टैक्स तो भारत भी उसी तरह देगा जवाब: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

ब्रिटेन (UK) ने अगर भारतीय एक्सपोर्ट पर कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट टैक्स (CBAM) लगाने का फैसला लिया, तो भारत भी उसका करारा जवाब देगा। केंद्रीय कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने 26 जुलाई को ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी प्रकार की नॉन-टैरिफ बाधाओं का करारा जवाब देने की क्षमता रखता है

अपडेटेड Jul 26, 2025 पर 5:41 PM
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पीयूष गोयल (Piyush Goyal), केंद्रीय कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर

ब्रिटेन (UK) ने अगर भारतीय एक्सपोर्ट पर कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट टैक्स (CBAM) लगाने का फैसला लिया, तो भारत भी उसका करारा जवाब देगा। केंद्रीय कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने 26 जुलाई को ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी प्रकार की नॉन-टैरिफ बाधाओं का करारा जवाब देने की क्षमता रखता है।

गोयल ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब हाल ही में भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर हुए हैं। हालांकि, इस समझौते में CBAM यानी कार्बन टैक्स को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान शामिल नहीं है क्योंकि ब्रिटेन ने फिलहाल इस नीति को अपने यहां लागू नहीं किया है।

भारत कमजोर नहीं, समय आने पर देगा जवाब: गोयल

पीयूष गोयल ने कहा, "कार्बन टैक्स के मसले को बार-बार टाला जा रहा है। यहां तक कि यूरोपीय यूनियन (EU) ने भी अभी तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया है। ब्रिटेन तो इसके भी बाद में विचार करेगा। भारत कमजोर नहीं है। जब वह समय आएगा, तो भारत उचित जवाब देगा। कोई भी हमारे व्यापार पर नॉन-टैरिफ बैरियर लगाएगा, तो हम भी उचित कार्रवाई करेंगे।"


ब्रिटेन में 2027 से लागू हो सकता है कार्बन टैक्स

ब्रिटिश सरकार के अनुसार, कार्बन टैक्स को 2027 से लागू किया जा सकता है। इस पॉलिसी के तहत विदेशों से आने वाले उन सभी सामानों पर कार्बन टैक्स लगाया जाएगा, जिनके बनाने में ग्रीनहाउस गैसों का उच्च स्तर पर उत्सर्जन हुआ है। यह टैक्स उस देश में लागू कार्बन प्राइस और ब्रिटेन में संभावित कार्बन प्राइस के अंतर पर आधारित होगा।

समझौते में भारत को स्टील उत्पादों पर राहत

भारत और ब्रिटेन के व्यापार समझौते में भारत को आयरन और स्टील उत्पादों पर 10% का टैरिफ पूरी तरह खत्म करने की छूट मिली है। ऐसे में अगर कार्बन टैक्स लागू होता है तो इन उत्पादों पर दोबारा शुल्क लग सकता है, जिससे भारतीय एक्सपोर्ट प्रभावित होगा।

EU भी करेगा CBAM लागू

यूरोपीय यूनियन ने 2023 में कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट टैक्स (CBAM) को मंजूरी दी थी और इसे जनवरी 2026 से लागू करने की योजना है। इस पॉलिसी का उद्देश्य अधिक-कार्बन उत्सर्जन करने वाले उत्पादों जैसे स्टील, सीमेंट और एल्युमिनियम के आयात पर शुल्क लगाकर 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य हासिल करना है।

पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि CBAM को लेकर भारतीय कॉरपोरेट जगत से ज्यादा चिंता यूरोपीय कंपनियों में है, क्योंकि इससे उनकी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट लागत में इजाफा होगा।

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