वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है। इसमें कई बड़े अहम एलान किए गए। अब ये समझने का वक्त है कि बजट से किसे क्या मिला। खासकर बाजार को क्या मिला जो कि LGCT से छेड़छाड़ को लेकर परेशान था। क्रेडिट स्वीस के India Equity Strategist नीलकंठ मिश्रा ने सीएनबीसी-आवाज से बजट पर खास चर्चा की। यहां हम आपको इस खास बातचीत का सारांश दे रहे है। बजट पर बात करते हुए नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि वित्त मंत्री ने मुश्किल दौर में अच्छा बजट पेश किया है। मौजूदा समय में ग्लोबल इकोनॉमी में उथल-पुथल जारी है। बजट को लोकलुभावन ना करते हुए वित्त मंत्री ने बजट में स्टेबिलिटी को तवज्जो दिया है। नीलकंठ मिश्रा ने इस बातचीत में आगे कहा कि सरकार ने इंफ्रा पर समझदारी से खर्च की योजना बनाई गई है। बजट में फिस्कल कंसॉलिडेसन को लेकर प्रतिबद्धता दिखी है।
यूक्रेन संकट से एनर्जी सप्लाई की दिक्कतें बढ़ीं है। बजट को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार ने जो लक्ष्य GDP के लिए रखा है उससे ज्यादा GDP ग्रोथ संभव है।
चीन की रीओपनिंग से ज्यादा फायदा नहीं
मेटल सेक्टर पर बात करते हुए नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि चीन की रीओपनिंग से ज्यादा फायदा नहीं होगा। चीन में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए काफी मुश्किलें नजर आ रही है। मौजूदा समय में मेटल डिमांड में ज्यादा मजबूती की उम्मीद नहीं है लिहाजा इसमें अब मुनाफावसूली की राय होगी। चीन का डिमांड कंज्यूमर गुड्स पर ज्यादा होगा। फेड से ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है।
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दुनिया के मुकाबले भारत का बाजार महंगा
नीलकंठ मिश्रा ने इस बातचीत में आगे कहा कि कोविड के बाद कंज्यूमर प्रोडक्ट, टूरिज्म की मांग बढ़ी है। नीलकंठ मिश्रा ने बाजार को तीन भागों में बांटते हुए कहा कि पहला बाजार का लेवल किया है, दूसरा की बाजार की 12 महीने का EPS क्या है और तीसरा ग्लोबल प्राइस मल्टीपल अर्निंग क्या है? इस तीनों आधार पर देखें तो ग्लोबल कॉस्ट ऑफ कैपिटल अभी भी ऊंचा है। दुनिया के मुकाबले भारत का बाजार महंगा है। लेकिन अभी भी भारतीय बाजार में मौजूदा स्तर से एक साल में 10-12% अर्निंग ग्रोथ दिखा सकते है। भारतीय बाजार में प्राइस की जगह टाइम करेक्शन संभव है।
नीलकंठ मिश्रा को फाइनेंशियल, सीमेंट, स्टेपल और इंजीनियरिंग सेक्टर पसंद है। उनका कहनाह है कि फाइनेंशियल सेक्टर अभी भी काफी सस्ते है और उनकी अर्निंग ग्रोथ पर हमारा भरोसा बना हुआ है। इसमें डाउनग्रेड की संभावना कम है। वहीं इंफ्रा को पुश मिलने से सीमेंट सेक्टर की मांग आगे बढ़ेगी जिसके चलते सीमेंट सेक्टर से जुड़े चुनिंदा शेयर हमें पसंद आ रहे है।
वहीं नीलकंठ मिश्रा इंडियन आईटी और मेटल सेक्टर पर अंडरवेट है। उनका कहना है कि IT सेक्टर अभी भी महंगा है। IT के अर्निंग अनुमान में कटौती दिख रही है। मार्च-अप्रैल तक आईटी कंपनियों के अर्निंग को लेकर तस्वीर साफ होगी।