देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) को अगली तिमाही में करीब 35 विमानों को खराबी के कारण खड़ा करना पड़ सकता है। एयरलाइन ने मंगलवार 7 नवंबर को शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में यह बताया। एयरलाइन ने कहा कि उसके प्रारंभिक आकलन और इंजन पाउडर मेटल के मुद्दे पर प्रैट एंड व्हाइटनी (Pratt & Whitney) से मिली जानकारी के मुताबिक, उसे उम्मीद है कि जनवरी-मार्च तिमाही या 2023-24 की चौथी तिमाही में 35 विमानों को खड़ा किया जाएगा।
इंडिगो सप्लाई चेन के मोर्च पर दिक्कतों के चलते पहले ही अपने कुछ विमानों को खड़ा कर चुकी है और अब इस लिस्ट में 35 विमान और जुड़ जाएंगे। बता दें कि इंडिगो के पास 334 विमानों का बेड़ा है। इसमें से 176 A320नियो को एयरलाइन ऑपरेट करती हैं। वहीं P&W इंजन मुद्दे के चलते करीब 40 विमान खड़े हैं।
प्रैट एंड व्हिटनी की मूल कंपनी, आरटीएक्स कॉर्प ने सितंबर में कहा की थी कि वह अपने हालिया इंजन जांच का दायरा बढ़ाएगी। कंपनी ने अपने इंजन में मौजूद खामी के बारे में पहली बार जुलाई बताया था। यह समस्या कुछ प्रैट एंड व्हिटनी के कुछ लोकप्रिय गियर वाले टर्बोफैन इंजनों को बनाने में इस्तेमाल होने मेटल पाउडर में मौजूदा खामियों से होती होती है। इसके चलते इंजन में दरार भी हो सकता है।
आरटीएक्स ने कहा कि कंपनी के शुरुआती पूर्वानुमान के मुताबिक करीब 600 से 700 इंजनों को 2026 तक हटाना होगा। नए एयरबस A320neo मॉडल में भी प्रैट एंड व्हिटनी के इस दोषपूर्ण टरबाइन इंजन का इस्तेमाल किया गया है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैकड़ों विमान खड़े हो जाएंगे।
कंपनी का अनुमान है कि अगले साल से 2026 तक सालाना औसतन 350 एयरबस A320 विमानों को ऑपरेशंस से बाहर कर दिया जाएगा। एयरलाइन ने कहा कि उसे उम्मीद है कि इस मुद्दे पर 7 अरब डॉलर तक की लागत आएगी। इंडिगो के चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) गौरव नेगी ने 3 नवंबर को कहा था कि इंजन संबंधी समस्याओं के कारण जनवरी 2024 से एयरलाइन अधिक संख्या में विमानों को खड़ा करेगा।