इन्फोसिस के औसत कर्मचारी से 752 गुना अधिक है CEO सलिल पारेख की सैलरी, 22% हुआ इजाफा

Infosys CEO Salary: इन्फोसिस के CEO सलिल पारेख की सैलरी FY25 में 22% बढ़कर ₹80.6 करोड़ पहुंच गई, जो औसत कर्मचारी की सैलरी से 752 गुना ज्यादा है। TCS और विप्रो के CEOs को पीछे छोड़ते हुए यह देश की सबसे ऊंची टेक CEO सैलरी बन गई।

अपडेटेड Jun 02, 2025 पर 6:09 PM
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FY25 में पारेख ने स्टॉक ऑप्शन्स के जरिए ₹49.5 करोड़ कमाए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹39 करोड़ था।

Infosys CEO Salary: इन्फोसिस के CEO सलिल पारेख की सैलरी वित्त वर्ष 2025 में 22% बढ़कर ₹80.6 करोड़ हो गई है। कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी खास तौर पर इसलिए हुई क्योंकि इस साल पारेख ने ज्यादा restricted stock units (RSUs) का इस्तेमाल किया। ये RSUs दरअसल कंपनी की तरफ से मिलने वाला शेयर वाला बोनस होता है, जो समय या परफॉर्मेंस के आधार पर मिलता है।

कैसे बढ़ा पारेख का कुल वेतन?

FY25 में पारेख ने स्टॉक ऑप्शन्स के जरिए ₹49.5 करोड़ कमाए, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹39 करोड़ था। उनका बेस वेतन ₹7.5 करोड़ रहा, जो पहले जैसा ही है। इसके अलावा उन्हें ₹50 लाख रिटायरमेंट से जुड़ी सुविधाओं के तौर पर मिले। उनकी वेरिएबल पे यानी परफॉर्मेंस बोनस ₹23.2 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले साल ₹19.8 करोड़ थी। इन सबके मिलाकर कुल सैलरी ₹80.6 करोड़ रही।


इन्फोसिस दो तरह के RSU प्लान देता है। पहला 2015 वाला, जिसमें शेयर समय के साथ मिलते हैं। और दूसरा 2019 वाला। इसमें शेयर कंपनी के परफॉर्मेंस जैसे टोटल शेयरहोल्डर रिटर्न और बिजनेस मेट्रिक्स पर आधारित होते हैं।

TCS और विप्रो के CEOs को पीछे छोड़ा

इस साल सलील पारेख की सैलरी TCS और विप्रो के CEOs से कहीं ज्यादा रही। TCS के CEO के. कृतिवासन की सैलरी में सिर्फ 4.6% की बढ़त हुई और वो ₹26.5 करोड़ रही। वहीं विप्रो के CEO श्रीनिवास पलिया को FY25 में कुल $6.2 मिलियन यानी करीब ₹53.6 करोड़ की सैलरी मिली, जो पिछले साल से 10% ज्यादा है।

CEO की सैलरी औसत कर्मचारी से 752 गुना

इन्फोसिस की रिपोर्ट बताती है कि पारेख की सैलरी इन्फोसिस के एक औसत कर्मचारी की सैलरी से 752 गुना ज्यादा है। कंपनी में औसत सालाना वेतन ₹10.72 लाख है।

पारेख ने शेयरहोल्डर्स को लिखे पत्र में कहा कि कंपनी की कामयाबी के पीछे 3.2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की मेहनत है। उन्होंने लिखा, “AI, क्लाउड, डेटा और डिजिटल जैसे क्षेत्रों में हमारी गहरी समझ की वजह से हम दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर बन चुके हैं।”

नए भर्तियों और शेयर ग्रांट की भी जानकारी

पारेख ने बताया कि कंपनी ने इस साल 15,000 नए कॉलेज ग्रैजुएट्स को नौकरी दी और वित्त वर्ष के अंत तक इन्फोसिस के कर्मचारियों की संख्या 3.2 लाख से ऊपर हो गई। अप्रैल 2025 में कंपनी ने पारेख को करीब ₹50 करोड़ के स्टॉक्स भी दिए हैं, जो परफॉर्मेंस और ESG (Environment, Social, Governance) जैसे लक्ष्यों पर आधारित हैं।

अनिश्चितता के माहौल में बढ़ी पारेख की सैलरी

पारेख की सैलरी में ये बढ़त ऐसे समय में आई है जब इन्फोसिस ने मैसूर में अपने ट्रेनिंग सेंटर से सैकड़ों ट्रेनीज को बाहर किया है। साथ ही कई कर्मचारियों की वेरिएबल पे में भी कटौती हुई है। इसके अलावा कंपनी को बाजार में अनिश्चितता और ग्लोबल क्लाइंट्स की तरफ से खर्च घटाने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके बावजूद, पारेख ने FY25 को कंपनी के लिए "मजबूत प्रदर्शन का साल" बताया और कहा कि कर्मचारियों की लगन और काम की गुणवत्ता की वजह से ही कंपनी अपने क्लाइंट्स के लिए लगातार वैल्यू बना पा रही है।

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