अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने केतनजी ब्राउन जैक्सन (Ketanji Brown Jackson) को सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस नॉमिनेट किया है। वह सुप्रीम कोर्ट की पहली अश्वेत महिला न्यायाधीश होंगी। जैक्सन अभी डीसी सर्किट में यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स में जज हैं। बाइडेन ने कहा है कि जैक्सन का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। उन्हें कानूनी मामलों का व्यापक अनुभव है।
जैक्सन को जस्टिस स्टीफन ब्रेयर की जगह नॉमिनेट किया गया है। वह करीब तीन महीने चार महीने में रिटायर करने वाले हैं। बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने से पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अश्वेत महिला जज को नॉमिनेट करने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सरकार और कोट्स में अभी पूरे अमेरिका का प्रतिनिधित्व नहीं दिखता है। उन्होंने कहा था कि वह ऐसे कोर्ट्स चाहते हैं, जिनमें अमेरिका का पूरा टैलेंट और ग्रेटनेस दिखाई दे।
जैक्सन ने सुप्रीम कोर्ट में नॉमिनेट होने की जानकारी मिलने पर खुशी जताईं। उन्होंने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट की अगली एसोसिएट जज नामित होने की खबर से खुश हूं। मैं उम्मीद करती हूं कि मेरी जिंदगी और करियर, इस देश और उसके संविधान के प्रति मेरा प्यार और पवित्र सिद्धांतों पर आधारित रूल ऑफ लॉ अमेरिका की आने वाली पीढियों को प्रेरित करेगा।
जैक्सन 51 साल की हैं। उन्हें पिछले साल डीसी सर्किट के लिए कोर्ट ऑफ अपील्स में नॉमिनेट किया गया था। सभी 50 डेमोक्रेट्स ने उनके नॉमिनेशन का सपोर्ट किया था। उनका जन्म 1970 में वॉशिंगटन डीसी में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड लॉ स्कूल से ग्रेजुएश की पढ़ाई की है। वह कड़ी मेहनत में भरोसा करती हैं। इसी की बदौलत वह अमेरिकी के सबसे बड़े कोर्ट की जस्टिस नामित हुई हैं।
जैक्सन के माता-पिता सरकारी स्कूल में टीचर्स थे। जैक्सन ने 2017 में एक लेक्चर में कहा था कि उनके माता-पिता को अश्वेत होने पर गर्व था। जैक्सन के पति एक डॉक्टर हैं। उनकी दो बेटियां हैं। जैक्सन ने कहा था कि हर किसी का सम्मान करना उनके परिवार की वैल्यू में शामिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि हम जो कुछ भी करते हैं, उसमें हमें सबसे अच्छा करने की कोशिश करनी चाहिए।