भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट (Merchandise Exports) अप्रैल महीने में 38.19 अरब डॉलर रहा, जो मार्च महीने के 42.22 अरब डॉलर से कम है। कॉमर्स मिनिस्ट्री की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इसी तरह अप्रैल महीने में भारत का इंपोर्ट (Imorts) घटकर 58.26 अरब डॉलर रहा, जो एक महीने पहले यानी मार्च में 60.74 अरब डॉलर था।
हालांकि एक्सपोर्ट (निर्यात) के मुकाबले इंपोर्ट (आयात) में कम गिरावट देखी गई। इसके चलते भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) अप्रैल में बढ़कर 20.07 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो मार्च महीने में 18.51 अरब डॉलर था।
सालाना आधार पर बात करें तो, अप्रैल महीने में एक्सपोर्ट पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 24.2 फीसदी बढ़ा है, जबकि इंपोर्ट में 26.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं व्यापार का घाटा अप्रैल 2021 के मुकाबले 31.2 फीसदी अधिक रहा है।
अप्रैल महीने में भी सबसे अधिक इंपोर्ट पेट्रोलियम पदार्थों का रहा। अप्रैल में हुए कुल इंपोर्ट का करीब 35.5 हिस्सा पेट्रोलियम और क्रूड प्रोड्क्टस का रहा। पैसों के संदर्भ में बात करें तो, अप्रैल में 19.51 अरब डॉलर के पेट्रोलियम पदार्थों का आयात किया गया, जो सालाना आधार पर 81.2 फीसदी अधिक है।
कोयले की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई तेजी का असर अप्रैल के इंपोर्ट आंकड़े पर भी दिखा। अप्रैल में भारत ने 4.74 अरब डॉलर का कोल, कोल और ब्रिकेट्स आयात किया है, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले करीब 136.4 फीसदी अधिक है। हालांकि इस दौरान गोल्ड के इंपोर्ट में गिरावट दर्ज की गई और यह 73 फीसदी घटकर 1.69 अरब डॉलर रहा।
वहीं एक्सपोर्ट के मोर्चे पर, अप्रैल में 9.20 अरब डॉलर के इंजीनियर गुड्स विदेशों में भेजा गया है, जो एक साल पहले के इसी महीने के मुकाबले 15.4 फीसदी अधिक है। भारत ने अप्रैल महीने में 7.73 अरब डॉलर के पेट्रोलियम उत्पादों का भी एक्सपोर्ट किया है, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 113 फीसदी अधिक है। अप्रैल के व्यापार से जुड़े अंतिम आंकड़े मई के मध्य में जारी किए जाएंगे।