Meta Lay-Off: खर्चे घटाने के लिए एक और दिग्गज कंपनी छंटनी करने वाली है। मेटा प्लेटफॉर्म (पूर्व नाम फेसबुक) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) के मुताबिक कंपनी की तेज ग्रोथ का दौर अब खत्म हो गया और अब पहली बार कंपनी में कर्मियों की संख्या कम की जाएगी। इस ऐलान पर मेटा के शेयर 3.7 फीसदी टूट गए। इस साल अब तक यह 60% गिर चुका है। टिकटॉक की बढ़ती लोकप्रियता, मेटावर्स पर महंगे दांव और एपल के नए प्राइवेसी रिस्ट्रिक्शंस के चलते कंपनी का कारोबार प्रभावित हुआ है।
जुकरबर्ग के मुताबिक जब से फेसबुक बना है, उसके बाद से पहली बार बजट में कटौती की जाएगी। कंपनी में हायरिंग बंद होगी। इसके अलावा खर्च घटाने और प्रॉयोरिटीज के हिसाब से काम करने के लिए कुछ टीमों को फिर से तैयार किया जाएगा। जुकरबर्ग ने कहा कि अगले साल मेटा में कर्मियों की संख्या इस की तुलना में कम हो सकती है। बता दें कि इस बार कंपनी ने समर इंटरन्स को फुल टाइम जॉब पर नहीं रखा था।
ग्रोथ वाली टीम का भी कम होगा बजट
ब्लूमबर्ग को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक जुकरबर्ग ने हर हफ्ते कर्मियों के साथ होने वाले सवाल-जवाब में नई भर्ती यानी कि हायरिंग पर रोक का ऐलान किया। जानकारी के मुताबिक अधिकतर टीमों के बजट में कटौती की जाएगी, यहां तक कि जो आगे बढ़ रही हैं, उनका भी बजट कम किया जाएगा। सभी टीमें छंटनी के बाद की स्थिति के लिए तैयारी कर रही है ताकि ग्रोथ पर असर न पड़े।
इस कारण कंपनी का कारोबार हुआ प्रभाविच
बढ़ते कंपटीशन के चलते मेटा को विज्ञापनों से मिलने वाले रेवेन्यू की ग्रोथ सुस्त हुई है। मेटा को आईफोन यूजर्स को ट्रैक करने पर एपल (Apple) के नए प्राइवेसी रिस्ट्रिक्शंस के चलते झटका लगा था। इसके अलावा इंस्टाग्राम के यूजर्स टिकटॉक की तरफ आकर्षित हो रहे हैं और जुकरबर्ग ने मेटावर्स (Metaverse) पर महंगा दांव खेला है। इन सब कारणों से मेटा का कारोबार प्रभावित हुआ है।
दूसरी कंपनियां में भी छंटनी का दबाव
आर्थिक दिक्कतों के चलते सिर्फ मेटा ही नहीं, और भी कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस साल मई में ट्विटर ने हायरिंग को रोक दिया था और कर्मियों को अपने खर्चे पर नजर रखने और यात्रा और मार्केटिंग के खर्च कम करने को कहा था। अल्फाबेट की गूगल ने भी कहा है कि इस साल की दूसरी छमाही में हायरिंग सुस्त रहेगी और स्नैप इंक ने अगस्त में 20 फीसदी कर्मियों को बाहर कर दिया।