फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल कलेक्टिबल्स यानी नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) को सपोर्ट देना बंद कर दिया है। पिछले साल ही मेटा ने शुरू किया था और अब एक साल से भी कम समय में इसका सपोर्ट वापस ले लिया है। दिग्गज सोशल मीडिया कंपनी मेटा के फिनटेक हेड Stephane Kasriel ने इसे लेकर ट्विटर पर जानकारी दी। स्टीफन के मुताबिक मेटा अब क्रिएटर्स, पीपुल और कारोबारियों को सपोर्ट करने के लिए दूसरे तरीकों पर फोकस करेगा। कंपनी ने इसके लिए खास स्ट्रैटजी तैयार की है।
अब क्या है Facebook की पैरेंट कंपनी की स्ट्रैटजी
मेटा ने एनएफटी को सपोर्ट देना बंद किया है लेकिन इसके क्रिएटर्स के लिए खास स्ट्रैटजी तैयार की है। Stephane Kasriel के मुताबिक क्रिएटर्स और बिजनेसों को अपने फैन से कनेक्ट होने के लिए मौके बनाए जा रहे हैं और इन सबमें मोनेटाइज को प्रॉयोरिटी पर रखा जाएगा। मेटा का फोकस मैसेजिंग और रील्स के मोनेटाइजेशन अपॉर्च्यूनिटीज पर है।
Stephane Kasriel ने आगे कहा कि कंपनी आम लोगों और कारोबारियों की भविष्य की जरूरतों के मुताबिक फिनटेक टूल्स में निवेश जारी रखेगी। मेटा पे के साथ भुगतान को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। साथ ही चेकआउट और पेआउट को आसान बनाया जा रहा है। मेटा के मैसेजिंग पैमेंट्स में निवेश हो रहा है।
पिछले साल Meta ने NFTs को किया था सपोर्ट
पिछले साल क्रिप्टो एसेट को लेकर क्रेज बढ़ रहा था और बंदर के कार्टून से लेकर वीडियो क्लिप्स में अरबों डॉलर की कमाई हो रही थी। इसे लेकर मेटा ने पिछले साल इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एनएफटी शेयर करने के लिए क्रिएटर्स को सपोर्ट देना शुरू किया था। हालांकि दिग्गज क्रिप्टो एक्सचेंज एफटीएक्स के ढहने के बाद फिर एकाएक माहौल बदल गया और बिटकॉइन समेत बाकी टोकन्स पिछले साल 2022 के आखिरी महीनों में टूटने लगे। पिछले हफ्ते तीन अहम बैंकों के डूबने के चलते स्थिति और बिगड़ी जिसमें से दो का फोकस क्रिप्टो पर था।