माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) एक बार फिर हजारों नौकरियों में कटौती की योजना बना रही है, खासकर सेल्स डिपार्टमेंट में। इस कदम के पीछे वजह है कि कंपनी आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस में बढ़ते निवेश के बीच अपने कर्मचारियों की संख्या को सुव्यवस्थित कर रही है। यह बात ब्लूमबर्ग न्यूज की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि माइक्रोसॉफ्ट के वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद अगले महीने की शुरुआत में छंटनी की घोषणा की जाएगी।
माइक्रोसॉफ्ट 1 जुलाई से 30 जून का वित्त वर्ष फॉलो करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरियों में कटौती का असर सिर्फ सेल्स टीम्स पर ही नहीं पड़ेगा। साथ ही छंटनी की टाइमिंग में बदलाव भी हो सकता है। जून 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के 2.28 लाख फुल टाइम एंप्लॉयीज थे। इनमें से 55 प्रतिशत अमेरिका में काम कर रहे थे।
मई और जून में भी कर चुकी है छंटनी
माइक्रोसॉफ्ट ने इससे पहले इस साल मई में लगभग 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जो पिछले कुछ वर्षों में माइक्रोसॉफ्ट की सबसे बड़ी छंटनी थी। उसके बाद जून की शुरुआत में खबर आई कि कंपनी ने 300 से अधिक एंप्लॉयीज को बाहर कर दिया। ब्लूमबर्ग ने वॉशिंगटन स्टेट नोटिस के आधार पर इसका खुलासा किया था।
AI पर बढ़ते जोर के बीच माइक्रोसॉफ्ट भी इसमें निवेश बढ़ा रही है। विभिन्न इंडस्ट्रीज में कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज में एआई के इंटीग्रेशन को तेज कर रही हैं। कंपनियां अब एआई से जुड़ी नौकरियों को प्रमुखता दे रही हैं और पैसे बचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। एमेजॉन के सीईओ एंडी जेसी ने हाल ही में कहा कि जेनरेटिव एआई और एजेंटों के रोलआउट से अगले कुछ वर्षों में इसके कुल कॉरपोरेट कर्मचारियों की संख्या कम हो जाएगी।
माइक्रोसॉफ्ट ने इस वित्त वर्ष में 80 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च की योजना बनाई है, जिसमें से ज्यादातर का उद्देश्य एआई सर्विसेज के लिए क्षमता की बाधाओं को कम करने के लिए डेटा सेंटर्स का विस्तार करना है।