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ग्लोबल रिस्क के बीच भारतीय इकोनॉमी का 'कवच' बनी घरेलू डिमांड, मनीकंट्रोल के एडवांस बिजनेस इंडेक्स से मिले बड़े संकेत

भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को मापने वाला 'मनीकंट्रोल एडवांस बिजनेस इंडेक्स (ABI)' मार्च में थोड़ा कमजोर पड़ा है। इंडेक्स का आंकड़ा फरवरी के 103.5 से घटकर मार्च में 102.4 पर आ गया, जो यह संकेत देता है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक गति में हल्की नरमी आई है। हालांकि यह अब भी लॉन्ग-टर्म औसत से ऊपर बना हुआ है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Apr 10, 2026 पर 5:20 PM
ग्लोबल रिस्क के बीच भारतीय इकोनॉमी का 'कवच' बनी घरेलू डिमांड, मनीकंट्रोल के एडवांस बिजनेस इंडेक्स से मिले बड़े संकेत
मनीकंट्रोल का एडवांस बिजनेस इंडेक्स 18 हाई-फ्रीक्वेंसी इकोनॉमिक इंडिकेटरों पर आधारित एक कंपोजिट इंडेक्स है

भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को मापने वाला 'मनीकंट्रोल एडवांस बिजनेस इंडेक्स (ABI)' मार्च में थोड़ा कमजोर पड़ा है। इंडेक्स का आंकड़ा फरवरी के 103.5 से घटकर मार्च में 102.4 पर आ गया, जो यह संकेत देता है कि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक गति में हल्की नरमी आई है। हालांकि यह अब भी लॉन्ग-टर्म औसत से ऊपर बना हुआ है।

10 अप्रैल को लॉन्च किया गया यह नया इंडेक्स भारत की आर्थिक गतिविधियों का शुरुआती संकेत देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें 100 से ऊपर का स्तर औसत से बेहतर ग्रोथ को दिखाता है, जबकि 100 से नीचे का आंकड़ा कमजोर आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।

ग्रोथ में नरमी के शुरुआती संकेत

मार्च के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी अच्छी गति से बढ़ रही है, लेकिन अब उस पर कुछ दबाव भी दिखने लगा है। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव है, जिससे ग्लोबल स्तर पर एनर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई के मोर्च पर रुकावटें पैदा हुई हैं।

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