Titan News: एक्सचेंज में गहने खरीदने का बढ़ रहा चलन, Tanishq के सेल्स में इतनी बड़ी है हिस्सेदारी

Titan News: आमतौर पर गहनों की खरीदारी के दो तरीके हैं कि पूरा पैसा देकर गहने लिए जाएं और दूसरा तरीका है कि पुराने गहने देकर यानी एक्सचेंज में नए गहने लिए जाएं। टाइटन की ज्वैलरी डिविजन तनिष्क के सीईओ ने खुलासा किया है कि उनके सेल्स में इसकी हिस्सेदारी बढ़ रही है। उनका मानना है कि युवा ग्राहकों के लिए यह निवेश के तौर पर है

अपडेटेड Aug 30, 2024 पर 2:09 PM
Story continues below Advertisement
टाइटन के ज्वैलरी डिविजन यानी तनिष्क के सीईओ अजय चावला ने कहा कि गोल्ड या डायमंड की ज्वैलरी के एक्सचेंज को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जाती है।

Titan News: गहनों की बिक्री करने वाली टाटा ग्रुप की टाइटन के कारोबार में गहनों की अदला-बदली की बड़ी हिस्सेदारी है और इसकी हिस्सेदारी बढ़ ही रही है। यह खुलासा कंपनी के ज्वैलरी डिविजन के सीईओ अजय चावला ने किया। अजय ने खुलासा किया कि तनिष्क (Tanishq) की बिक्री का 44 फीसदी अधिक ज्वैलरी के एक्सचेंज से आता है और यह आंकड़ा बढ़ रहा है। उन्होंने ये बातें 28 अगस्त को एक प्रेस कांफ्रेंस में जेन जेड की ज्वैलरी खरीदने में दिलचस्पी को लेकर कही। उन्होंने बताया कि पिछले साल तनिष्क की जितनी सेल्स हुई थी, उसमें से 44 फीसदी से अधिक तो ज्वैलरी के एक्सचेंज से हुई और यह आंकड़ा बढ रहा है। उन्होंने कहा कि युवा ग्राहकों के लिए यह निवेश के तौर पर है।

एक्सचेंज ने बनाई मार्केट में Tanishq की मजबूत पैठ

टाइटन के ज्वैलरी डिविजन यानी तनिष्क के सीईओ अजय चावला ने कहा कि गोल्ड या डायमंड की ज्वैलरी के एक्सचेंज को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। गहनों की प्रामाणिकता जांचने के कंपनी उसे मौजूदा भाव पर खरीदती है। इसने कंपनी को मार्केट में अपना भरोसा बनाए रखने में काफी मदद की है। पिछले साल कंपनी ने 42 हजार करोड़ रुपये के गहने बेचे थे। इसके अलावा कैरटलेन की बिक्री 3 हजार करोड़ रुपये की रही। तनिष्क के सीईओ के मुताबिक डायमंड के गहनों की 45 हजार करोड़ रुपये के कुल सेल्स में 30 फीसदी हिस्सेदारी रही।


ब्रिटिश डायमंड कंपनी के साथ तीन साल की साझेदारी

तनिष्क के सीईओ ने ये सारी बातें एक कांफ्रेंस में कही जिसमें ब्रिटेन की डायमंड कंपनी De Beers के साथ तीन साल की साझेदारी का ऐलान हुआ। इसका कैंपेन स्लोगन है-डायमंड इज फॉरएवर यानी हीरा है हमेशा के लिए। इस साझेदारी के तहत तनिष्क के रिटेल स्टॉफ को प्राकृतिक हीरों के बारे में बताया जाएगा और वे ग्राहकों को इसकी प्रामाणिकता के बारे में बताएंगे। इस समय लैब में तैयार किए गए हीरों का चलन तेजी से बढ़ रहा है लेकिन तनिष्क के सीईओ का कहना है कि उनके यहां ऐसा रुझान नहीं दिखा। उनका कहना है कि ग्राहक सिर्फ प्रामाणिकता के बारे में पड़ताल करते हैं। उन्होंने कहा कि लैब में बनाए गए हीरे की मांग भले ही बढ़ रही हो लेकिन नेचुरल डायमंड अपनी दुर्लभरता और निवेश अपील के चलते जगह बनाए रखेंगे।

SpiceJet News: स्पाइसजेट के 150 एंप्लॉयीज की छुट्टी, अब क्या होगा इनका?

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।