दिल्ली और एनसीआर में प्रमुख दूध सप्लायर मदर डेयरी (Mother Dairy) बढ़ती उपभोक्ता मांग के बीच अपने कारोबार का विस्तार करने जा रही है। कंपनी ने दूध के साथ-साथ फल और सब्जियों की प्रोसेसिंग के लिए दो नए प्लांट लगाने पर 650 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है। इसके अलावा कंपनी अपने मौजूदा प्लांट की क्षमता का विस्तार करने के लिए 100 करोड़ रुपये का निवेश भी करेगी।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मदर डेयरी फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष बंदलिश का कहना है, ‘‘अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाने की अपनी कोशिश में हमने प्रमुख स्थानों पर अपनी डेयरी और F&V (फल और सब्जियां) प्रोसेसिंग कैपेसिटीज के विस्तार के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।’’
नागपुर में डेयरी प्लांट, कर्नाअक में फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट
उन्होंने बताया कि मदर डेयरी लगभग 525 करोड़ रुपये के निवेश के साथ महाराष्ट्र के नागपुर में एक बड़ा डेयरी प्लांट लगा रही है। इस नए प्लांट की क्षमता हर रोज 6 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग की होगी, जिसे बाद में बढ़ाकर प्रतिदिन 10 लाख लीटर किया जा सकता है। यह नया प्लांट मध्य और दक्षिण क्षेत्र के बाजारों में सेवा प्रदान करेगा। बंदलिश ने कहा, ‘‘हम अपने सफल ब्रांड के तहत 125 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ कर्नाटक में एक नया फ्रूट प्रोसेसिंग प्लांट शुरू करने की भी योजना बना रहे हैं।’’ इन दोनों प्लांट्स के लगभग दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन दो नए प्लांट्स के अलावा हम लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अपनी मौजूदा फैसिलिटीज में भी क्षमता का विस्तार कर रहे हैं।
वर्तमान में मदर डेयरी के कितने प्रोसेसिंग प्लांट
वर्तमान में मदर डेयरी के पास कंपनी के मालिकाना हक वाले 9 प्रोसेसिंग प्लांट हैं, जिनकी कुल दूध प्रोसेसिंग कैपेसिटी 50 लाख लीटर रोजाना से अधिक है। कंपनी थर्ड पार्टी के प्लांट्स में भी प्रोसेसिंग करती है। हॉर्टिकल्चर (फल और सब्जियां) सेगमेंट के लिए कंपनी के अपने 4 प्लांट हैं, जबकि खाद्य तेलों के लिए यह 15 सहायक प्लांट्स के माध्यम से मैन्युफैक्चरिंग करती है। वित्त वर्ष 2022-23 में मदर डेयरी का कारोबार करीब 14,500 करोड़ रुपये रहा था। मदर डेयरी की शुरुआत 1974 में हुई थी।