Adani Group Stocks: अमेरिका की शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट 24 जनवरी को आई थी। उसके बाद से अब तक अदाणी ग्रुप की कंपनियों के मार्केट कैप में से 10 लाख करोड़ रुपए डूब चुके हैं। लेकिन दिलचस्प है कि इस बिकवाली के बीच म्यूचुअल फंड अदाणी ग्रुप की दो कंपनियों में जमकर निवेश कर रहे हैं। घरेलू म्यूचुअल फंड्स अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) में 548.27 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।
वहीं प्राइम डेटाबेस के मुताबिक फंड हाउसेज ने अंबुजा सीमेंट के 441.45 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिक्री की। अंबुजा सीमेंट्स को पिछले साल सितंबर 2022 में अदाणी ग्रुप ने स्विटजरलैंड के होल्सिग ग्रुप से 640 करोड़ डॉलर में खरीदा था। हालांकि म्यूचुअल फंडों ने अदाणी ग्रुप के शेयरों की बिक्री ही नहीं की है बल्कि पिछले महीने जनवरी में दो शेयरों की खरीदारी भी की।
Mutual Funds ने Adani Group के इन दो स्टॉक्स में की खरीदारी
म्यूचुअल फंडों ने Adani Enterprises और अंबुजा सीमेंट्स के शेयरों की नेट बिक्री की है। वहीं दूसरी तरफ अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (Adani Ports and SEZ) और एसीसी (ACC) के शेयरों की नेट खरीदारी की है। म्यूचुअल फंडों ने अडानी पोर्ट्स के 444.10 करोड़ रुपये और एसीसी के 203.17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। अडानी ग्रुप के अलावा बाकी कंपनियों की बात करें तो म्यूचुअल फंडों ने पिछले महीने ICICI Bank के 4298 करोड़ रुपये, Kotak Mahindra Bank के 2022 करोड़ रुपये, Axis Bank के 972.85 करोड़ रुपये, HDFC के 604.82 करोड़ और Bajaj Finance के 545.50 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की।
Hindenburg की रिपोर्ट से सबसे अधिक Adani Green को झटका
हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया है लेकिन अडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। हालांकि इस रिपोर्ट के चलते अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं। सबसे अधिक गिरावट अदाणी ग्रीन एनर्जी में है जो 73 फीसदी टूट चुका है। वहीं अदाणी ट्रांसमिशन 70 फीसदी और अडानी टोटल गैस 67 फीसदी फिसला है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट 24 जनवरी को जारी हुई थी।