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Prosus ने BillDesk के अधिग्रहण का प्लान रद्द किया, अब PayU 4.7 अरब डॉलर में BillDesk को नहीं खरीदेगी

BillDesk की शुरुआत एमएन श्रीनिवासु, अजय कौशल और कार्तिक गणपति ने साल 2000 में की थी। यह कंपनी पेमेंट एक्सेप्ट करने के साथ ही उसे कलेक्ट करती है

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 03, 2022 पर 2:57 PM
Prosus ने BillDesk के अधिग्रहण का प्लान रद्द किया, अब PayU 4.7 अरब डॉलर में BillDesk को नहीं खरीदेगी
CCI ने कई हफ्तों की देरी और कई सवाल पूछने के बाद 5 सितंबर को इस डील को मंजूरी दे दी थी।

नीदरलैंड की कंपनी Prosus NV ने कहा है कि वह इंडियन कंपनी BillDesk का अधिग्रहण नहीं करेगा। उसने 3 अक्टूबर (सोमवार) को कहा कि उसने बिलडेस्क के अधिग्रहण से जुड़ी डील रद्द कर दी है। Prosus NI पेयू पेमेंट्स (PayU Payments) की पेरेंट कंपनी है। बिलडेस्क पेमेंट एग्रीगेटर कंपनी है।

Prosus ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है, "PayU को 5 सितंबर को CCI का एप्रूवल मिल गया था। हालांकि, कुछ खास शर्तें 30 सितंबर तक पूरी नहीं की गईं। इससे डील की शर्तों के अनुसार एग्रीमेंट ऑटोमैटिकली रद्द हो गया है। प्रस्तावित ट्रांजेक्शन अब पूरा नहीं होगा। "

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Prosus ने 31 अगस्त, 2021 को इस डील का ऐलान किया था। उसने कहा था कि उसने इंडिया में कुल 10 अरब डॉलर का निवेश किया है। यह 2018 में वॉलमार्ट की तरफ से फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद देश में इंटरनेट से जुड़ी दूसरी सबसे बड़ी डील होती।

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