दिसंबर 2015 में शुरू हुआ PhonePe, अब भारत का सबसे पेमेंट ऐप में एक बन गया है। PhonePe की सालाना टोटल पेमेंट वैल्यू एक ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 84 लाख करोड़ रुपए हो गई है। कंपनी वैल्यू के हिसाब से 50 प्रतिशत से ज्यादा बाजार हिस्सेदारी का दावा करती है और टियर 2,3,4 शहरों में फैले 35 मिलियन से ज्यादा ऑफ़लाइन व्यापारियों को डिजिटाइज करती है। ये पेमेंट ऐप बीमा और फंड मैनेजमेंट जैसे नए बिजनेस में भी निवेश कर रहा है।
PhonePe में कंज्यूमर बिजनेस की प्रमुख सोनिका चंद्रा ने मजबूत प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हम 1 ट्रिलियन डॉलर सालाना TPV रनरेट तक पहुंचने के लिए उत्साहित हैं।"
उन्होंने कहा, "तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय लेन-देन सुनिश्चित करते हुए ग्राहक अनुभव को सरल बनाने पर हमारा ध्यान केंद्रित करने से हमें लाखों भारतीय यूजर्स का विश्वास जीतने में मदद मिली है।"
चंद्रा ने आगे कहा, "हम भारतीयों के लिए ज्यादा से ज्यादा वित्तीय समावेशन को सक्षम करने के लिए UPI लाइट, UPI इंटरनेशनल और UPI पर क्रेडिट जैसी पेशकशों के साथ भारत में UPI पेमेंट्स के लिए विकास की अगली लहर को और ज्यादा बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।"
PhonePe ने ये भी घोषणा की कि उसे RBI से अपने PA लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। ये मंजूरी कंपनी को अपने सिंपलीफाइड पेमेंट समाधानों का विस्तार करने और देश के लाखों छोटे बिजनेस और SME के लिए डिजिटल समावेशन को सक्षम बनाने में मदद करेगी।