PM गति शक्ति योजना और सिंगल विंडो मंजूरी से सरकार को 2022 में अधिक FDI आने की उम्मीद

कोरोना महामारी और मंदी के बावजूद साल 2020-21 में भारत में 81.72 अरब अमेरिकी डॉलर का रिकॉर्ड FDI आया

अपडेटेड Dec 21, 2021 पर 2:00 PM
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भारत सरकार को साल 2022 में विदेशी निवेश (FDI) बढ़ने की उम्मीद

ई़ज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े नियमों को आसान बनाने जैसे कदमों के चलते भारत सरकार को इस साल अब तक रिकॉर्ड FDI हासिल करने में मदद मिली है। सरकार को उम्मीद है कि अब 2022 में उसे प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और GIS मैपिंग वाले लैंड बैंक बनाने जैसे उपायों के चलते और अधिक FDI हासिल करने में मदद मिलेगी।

ग्लोबल लेवल पर मंदी और कोरोना 19 महामारी के बावजूद भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 2020-21 में बढ़कर 81.72 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान देश में FDI सालाना आधार पर 62 फीसदी बढ़कर 27.37 अरब डॉलर रहा।

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के सेक्रेटरी अनुराग जैन ने बताया, "बढ़ता FDI भारत की विकास यात्रा में वैश्विक विश्वास को दिखाता है। दुनिया एक भरोसेमंद साझेदार चाहती है। भारत ग्रोथ के वे सभी मानदंड मुहैया कर रहा है, जो एक निवेशक निवेश का फैसला करने से पहले देखना चाहता है।"


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उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (NMP), सिंगल विंडो क्लीयरेंस और GIS (जियोग्राफिक इनफॉर्मेशन सिस्टम) मैपिंग वाले लैंड बैंक बाने जैसे कदमों से आगे भी निवेश को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।"

उन्होंने कहा कि सरकार 'ई़ज ऑफ डूइंग बिजनेस' के लिए चौतरफा कोशिश कर रही है और पिछले कुछ वर्षों में 25,000 से अधिक नियमों के अनुपालन को सरल बनाया गया है। जैन ने कहा, "संरचनात्मक सुधार, ई़ज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ावा देने, स्टार्टअप कार्यक्रम और FDI पॉलिसी को उदार बनाने से इंडस्ट्री के स्तर पर आमूलचूल बदलाव आ रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप ईकोसिस्टम का बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के चलते भारत की दुनिया भर के व्यापार और निवेश क्षेत्र में चर्चा है। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार के 19 मंत्रालय / विभाग और 10 राज्य सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम में शामिल हो चुके हैं।

इसी तरह भारत GIS-मैपिंग वाले इंडस्ट्रियल लैंड बैंक बना रहा है और इसके तहत 4,500 से अधिक औद्योगिक पार्कों की मैपिंग की गई है। इसके चलते अब निवेश के लिए कौन से इंडस्ट्रियल लैंड खाली हैं, इसे ऑनलाइन देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कोयला खनन, रक्षा उत्पादन, कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग और सिंगल-ब्रांड रिटेल बिजनेस में FDI नियमों में ढील दी है।

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