मूनलाइटिंग के समर्थन में उतरे केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर, कहा- "कर्मचारियों के सपनों पर लगाम नहीं लगाएं कंपनियां"

केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) ने हाल ही में अपने 300 कर्मचारियों को मूनलाइटिंग में शामिल होने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया

अपडेटेड Sep 23, 2022 पर 8:13 PM
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मूनलाइटिंग का मतलब है कि एक से अधिक जगह नौकरी करना

आईटी कंपनियां जहां एक तरफ मूनलाइटिंग (Moonlighting) के खिलाफ लामबंद होकर प्रतिबंध लगा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और स्किल डिवेलपमेंट मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने आज 23 सितंबर को मूनलाइंटिंग के का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों के सपनों पर लगाम नहीं लगानी चाहिए।

उन्होंने कहा, "आज के युवाओं में अपने कौशल को लेकर आत्मविश्वास है और एक उद्देश्य है, जिसके जरिए वह अपने इसे मॉनेटाइज कर अधिक वैल्यू बनाना चाहते हैं। ऐसे में कंपनियों का उन्हें रोकने का प्रयास, खास तौर से उन्हें खुद के स्टार्टअप पर काम नहीं करने देने का प्रयास, विफल होने वाला है।"

केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो (Wipro) ने हाल ही में अपने 300 कर्मचारियों को मूनलाइटिंग में शामिल होने के आरोप में नौकरी से निकाल दिया। वहीं इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों को चेतावानी दी है कि मूनलाइटिंग में शामिल होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।


इंफोसिस ने अपने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा, "कंपनी एक समय पर दो जगह रोजगार करने का सख्ती से हतोत्साहित करती है।" साथ ही इंफोसिस ने अपने ईमेल में मूनलाइटिंग को अपनी नियमित काम के घंटे के दौरान या उसके बाद दूसरी जगह पर काम करने की प्रथा के तौर पर परिभाषित किया। हालांकि, चंद्रशेखर इससे सहमत नहीं हैं।

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पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (PAFI) के 9वें सालाना फोरम 2022 में मंत्री ने कहा, "जल्द ही ऐसा समय आएगा, जहां प्रोडक्ट को बनाने वालों का एक समुदाय होगा जो कई परियोजनाओं पर जरूरत के हिसाब से अपना समय बांटेगा। जैसे वकील या सलाहकार करते हैं। भविष्य में काम का यही तरीका होने वाला है।"

क्या होती है मून लाइटिंग?

मूनलाइटिंग का मतलब है कि एक से अधिक जगह नौकरी करना। इसमें वे भी शामिल है जो पार्ट-टाइम कहीं और काम करते हैं या नौकरी के अलावा किसी और प्रोजक्ट पर भी पैसे लेकर मदद करते हैं। यह सिर्फ आईटी सेक्टर में नहीं, बल्कि लगभग सभी सेक्टर में फैला हुआ है।

मूनलाइंटिंग जोर-शोर से कोरोना महामारी के दौरान बढ़ा, जब लोग ऑफिसों की जगह घरों से काम करने लगे। इस दौरान कर्मचारियों के कुछ अतिरिक्त समय बचने लगे, जिसका इस्तेमाल उन्होंने अपनी नियमित नौकरी के अलावा कुछ दूसरों पर जगहों पर फ्रीलांस या पार्ट-टाइम आधार पर काम करना शुरू किया।

CIEL HR Services के सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा ने मनीकंट्रोल को बताया, "मूनलाइटिंग के पीछे मुख्य रूप से 3 वजहे हैं। कुछ लोग ज्यादा पैसे कमाने के लिए यह करते हैं। कुछ लोग ज्यादा अनुभव के लिए ऐसा करते हैं। वहीं कुछ लोग अपना शौक पूरा करने के लिए यह करते हैं।"

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