Rallis India Q2 Results: टाटा ग्रुप की कंपनी को ₹102 करोड़ का मुनाफा, लेकिन रेवेन्यू 7% गिरा

Rallis India Q2 Results: टाटा ग्रुप की Rallis India ने दूसरी तिमाही में ₹102 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। लेकिन, रेवेन्यू में 7% गिरावट आई है। कंपनी ने मजबूत मार्जिन और एक्सपोर्ट मोमेंटम के साथ वित्तीय स्थिरता बनाए रखी। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Oct 16, 2025 पर 8:00 PM
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Rallis India का शेयर गुरुवार को BSE पर 3.03% की गिरावट के साथ ₹285.00 पर बंद हुआ।

Rallis India Q2 Results: टाटा ग्रुप की एग्रीकल्चर सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी रैलीज इंडिया लिमिटेड (Rallis India Ltd) ने गुरुवार, 16 अक्टूबर को FY26 की दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे जारी किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट 4% बढ़कर ₹102 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹98 करोड़ था।

रेवेन्यू में गिरावट, कारण मौसम

रैलीज इंडिया का रेवेन्यू ₹861 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹928 करोड़ से 7.2% कम है। यह गिरावट मुख्यतः देश के कई हिस्सों में अनियमित और लंबी बारिश के कारण हुई। इसने फील्ड एक्टिविटीज और स्प्रे अप्लिकेशन को प्रभावित किया।


EBITDA और मार्जिन

ऑपरेटिंग स्तर पर EBITDA 7.2% घटकर ₹154 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 17.9% स्थिर रहा। PAT मार्जिन 11.8% हो गया, जो पिछले साल से 120 बेसिस पॉइंट बढ़ा।

रैलीज इंडिया ने ₹52 करोड़ का फ्री कैश फ्लो बनाए रखा, कोई बाहरी कर्ज नहीं और ₹454 करोड़ का हेल्दी कैश और लिक्विड बैलेंस रखा। यह कंपनी की वित्तीय मजबूती को दिखाता है।

बिजनेस सेगमेंट का प्रदर्शन

  • क्रॉप केयर B2B: मुख्य मॉलिक्यूल्स में वॉल्यूम बढ़ने और बेहतर कैपेसिटी यूटिलाइजेशन के कारण 14% की सालाना वृद्धि हुई।
  • क्रॉप प्रोटेक्शन B2C: मौसम और अनियमित बारिश के कारण 10% की गिरावट हुई।
  • सॉइल & प्लांट हेल्थ (SPH): बायोस्टिमुलेंट्स में रेगुलेटरी चुनौतियों के कारण 20% की गिरावट आई।
  • एक्सपोर्ट्स: मुख्य मॉलिक्यूल्स में अधिक वॉल्यूम के चलते 33% की वृद्धि हुई।
  • सीड्स बिजनेस: सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद रेवेन्यू ₹101 करोड़ रहा। हाई ग्रॉस मार्जिन और प्रभावी प्राइसिंग ने असर कम किया।

नए प्रोडक्ट लॉन्च और पोर्टफोलियो विस्तार

Rallis India ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1 FY26) में आठ नए प्रोडक्ट लॉन्च किए। इनमें Penflor, Allato, Deeweed, Dodrio, Master Gold, Torris, Vaar और Teer शामिल हैं। इससे हर्बिसाइड्स और फंगिसाइड्स में पोर्टफोलियो मजबूत हुआ। कंपनी ने इन-हाउस प्रोडक्शन के जरिए बायोस्टिमुलेंट्स की बिक्री भी फिर से शुरू की।

पहली छमाही में कंपनी का प्रदर्शन

Rallis इंडिया का रेवेन्यू वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए ₹1,818 करोड़ रहा। यह एक साल पहले के मुकाबले ₹1,711 करोड़ से 6% अधिक है। EBITDA 16% बढ़कर ₹303 करोड़ और PAT 35% बढ़कर ₹197 करोड़ हुआ। PAT मार्जिन 10.8% पर पहुंच गया, जो पिछले साल 8.5% था। इन आंकड़ों से ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स का फायदा दिखता है।

MD और CEO का बयान

Rallis India के MD और CEO डॉ. ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा, 'सितंबर तिमाही में लंबी बारिश के कारण फील्ड एक्टिविटीज और प्रोडक्ट प्लेसमेंट प्रभावित हुए। इसके बावजूद एक्सपोर्ट मोमेंटम, खर्च नियंत्रण और सीड्स बिजनेस में बेहतर मार्जिन के चलते हमारी प्रॉफिटेबिलिटी स्थिर रही। मजबूत बैलेंस शीट, शून्य बाहरी कर्ज और स्वस्थ कैश पोजिशन हमारी वित्तीय अनुशासन और ऑपरेशनल मजबूती को दिखाती है।'

Rallis India के शेयर का हाल

Rallis India का शेयर गुरुवार को BSE पर 3.03% की गिरावट के साथ ₹285.00 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 15.95% गिरा है। वहीं, 1 साल में 22.64% नीचे आया है। हालांकि, बीते 6 महीने में रैलीज इंडिया ने 26.44% का रिटर्न दिया है। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का मार्केट कैप 5.54 हजार करोड़ रुपये है।

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