सोना बीएलडब्ल्यू के दिवंगत पूर्व चेयरमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर ने कहा है कि वह परिवार की विरासत को खत्म नहीं होने देंगी। उधर, कंपनी ने इसे सोना बीएलडब्ल्यू के बोर्ड में पोजीशन हासिल करने की कोशिश का हिस्सा बताया है। रानी कपूर ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें बंद कमरे में डॉक्युमेंट्स पर हस्ताक्षर करने को मजबूर किया गया। उनका आरोप है कि कुछ लोग कपूर परिवार की विरासत पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरी लड़ाई संजय कपूर के शेयरों पर कब्जे की लड़ाई है। संजय कूपर की शादी फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर से हुई थी। लेकिन, बाद में दोनों में तलाक हो गया था।
संजय कपूर की मौत यूके में 12 जून को हुई थी
Sunjay Kapur की मौत 12 जून को हो गई थी। उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताया गया। उन्हें तब हार्ट अटैक आया था, जब वह यूनाइटेड किंग्डम में पोलो खेल रहे थे। उनकी मां Rani Kapur ने अपने बेटे की मौत को संदिग्ध बताया है। उन्होंने इस बारे में सोना बीएलडब्ल्यू के बोर्ड को लेटर लिखा था। हाल में न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मुझे अब भी नहीं पता कि मेरे बेटे के साथ क्या हुआ। अब मैं बूढ़ी हूं और चीजों को अंजाम तक पहुंचाना चाहती हूं।"
रानी कपूर ने कहा वह परिवार की विरासत बचाना चाहती हैं
उन्होंने इंटरव्यू में कहा, "मैं बूढ़ी और कमजोर हो सकती हूं, लेकिन जब सोमा कॉमस्टार की शुरुआत हुई थी तब की मेरे पति के साथ की मेरी यादें अब भी ताजा हैं। मुझे सोना कॉमस्टार के शुरुआती दिन याद हैं। इसे संजीदगी त्याग और मोहब्बत से खड़ा किया गया था। मैं दुनिया की यह बताना चाहती हूं कि हमारे परिवार की विरासत खत्म नहीं होनी चाहिए। इसे उसी तरह से बनाए रखना होगा जिस तरह मेरे पति चाहते थे।"
रानी कपूर ने कई गंभीर आरोप लगाए
रानी कपूर ने कंपनी की सालाना आम बैठक से ठीक पहले कंपनी को भेजे गए लेटर में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने इसमें लिखा कि जब वह बेटे की मौत से गहरे सदम में थीं तब उनसे डॉक्युमेंट्स पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्हें कंपनी के अकाउंट्स और दूसरी जानकारियां नहीं दी गई्ं। उन्हें जानबूझकर फैसलों से दूर रखा गया, जिसका असर सोना ग्रुप पर पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पति की वसीयत के मुताबिक वह इकलौती लाभार्थी हैं और इस तरह से वह कंपनी की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर हैं।
सोना बीएलडब्ल्यू ने रानी कपूर के आरोपों का खंडन किया
सोना बीएलडब्ल्यू ने रानी कपूर के आरोपों का खंडन किया है। उसने कहा है कि कंपनी से जुड़े सभी फैसले कॉर्पोरेट लॉ के मुताबिक लिए गए। कंपनी ने यह भी कहा है कि रानी कपूर का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में बतौर शेयरहोल्डर दर्ज नहीं है। इसलिए कंपनी को बोर्ड से संबंधित मसलों पर उनकी राय लेने की कोई जरूरत नहीं है। कंपनी ने इस बात की भी पुष्टि की कि 25 जुलाई को बोर्ड की मीटिंग हुई थी, जिसमें बोर्ड के नए सदस्य को नियुक्त कर दिया गया।
संजय कपूर की विधवा नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त
बताया जाता है कि कंपनी के प्रमोटर Aureus Investments की तरफ से किए गए नॉमिनेशन के आधार पर संजय कपूर की विधवा प्रिया सचदेव कपूर को नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया। उनकी नियुक्ति को कंपनी के नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन कमेटी का एप्रूवल भी मिल गया। कंपनी ने डॉक्युमेंट्स पर जबर्दस्ती हस्ताक्षर कराने के रानी कपूर के आरोपों को भी गलत बताया है। कंपनी ने कहा है कि संजय कपूर की मौत के बाद कंपनी ने न तो रानी कपूर से किसी डॉक्युमेंट पर हस्ताक्षर कराए और न ही उनसे कोई डॉक्युमेंट लिए थे।