RBI Governor : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा का कहना है कि भारत का बैंकिंग सिस्टम पूरी तरह से 'सुरक्षित' बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इंडसइंड बैंक के लेखांकन चूक और न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर 'कभी-कभी होने वाली घटनाएं' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन्हें बैंकिंग सिस्टम की नाकामी (failures) के तौर पर देखना सही नही होगा।
आरबीआई गवर्नर से सवाल किया गया था कि इंडसइंड बैंक और न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक की नाकामी को देखते हुए कोई बड़ी प्रणालीगत चिंताएं हैं। उन्होंने जवाब में कहा कि 10,000 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) और लगभग 1,500 सहकारी बैंकों के साथ कभी-कभी 'घटनाएं' जरूर होती हैं।
मल्होत्रा 9 अप्रैल को रेपो रेट कट के बाद आयोजित प्रेस मीट में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'ये नाकामियां नहीं नहीं हैं, ये घटनाएं हैं। ऐसी चीजें होती रहेंगी।' मल्होत्रा ने दावा किया कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली 'सुरक्षित और मजबूत' बनी हुई है।
आरबीआई गवर्नर ने यह भी बताया कि पिछले आठ या नौ साल में 1,500 में से करीब 70 सहकारी बैंकों समस्या देखने को मिली है, जो कि एक छोटा हिस्सा है।
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक संकट
यह संकट इसी साल सामने आया, जब बैंक में 122 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का मामला उजागर हुआ। इस मामले में गिरफ्तारी हुई और संपत्ति भी जब्त की गई। आरबीआई ने कड़े प्रतिबंध भी लगाए।
मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई तय करना चाहता है कि इस तरह के मामले कम से कम हों और उनका अधिक लोगों पर प्रभाव भी न पड़े। इसे वे निगरानी, निरीक्षण और बैंकों के आंतरिक तंत्र के सहयोग से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर पूरा बैंकिंग सिस्टम मिलकर काम करेगा, तो चीजें जरूर बेहतर हो जाएंगी।