अमेरिकी टैरिफ के चलते दुनिया भर में अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है और महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। इन सबके बीच भारत में केंद्रीय बैंक RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) बैंकिंग सिस्टम में रिकॉर्ड मात्रा में नगदी डालने की तैयारी में है। एनालिस्ट्स के मुताबिक इससे इकॉनमी को वैश्विक चुनौतियों से राहत मिल सकती है। IDFC FIRST Bank के मुताबिक आरबीआई चालू वित्त वर्ष में बॉन्ड खरीद और विदेशी मुद्रा स्वैप के जरिए 4 ट्रिलियन यानी 4 लाख करोड़ रुपये (4700 करोड़ डॉलर) तक निवेश कर सकता है। एसबीएम इंडिया का अनुमान है कि पहली छमाही में 2 ट्रिलियन रुपये तक का निवेश किया जा सकता है। इससे पहले जनवरी में आरबीआई पहले ही 8000 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड निवेश कर चुका है।
