उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) सोलर से हाइड्रोजन तक फैले न्यू एनर्जी बिजनेस से 2030 तक 10-15 अरब डॉलर की कमाई कर सकती है। हालांकि, उसे टेक्नोलॉजी में अपनी सीमित विशेषज्ञता को ध्यान में रखते हुए नए अधिग्रहणों या पार्टनरशिप की जरूरत होगी। सैनफोर्ड सी बर्नस्टीन की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। क्लीन एनर्जी (सोलर, बैटरी, इलेक्ट्रोलाइजर और फ्यूल सेल) 2050 तक भारत में 2000 अरब डॉलर के निवेश के साथ रिलाायंस के ग्रोथ के लिए अहम है। भारत 2030 तक 280 गीगावॉट सोलर कैपिसिटी और 50 लाख टन ग्रीन एच2 प्रोडक्शन का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
