सारस्वत बैंक (Saraswat Bank) ने सोमवार 27 दिसंबर को बताया कि बैंक से लोन लेने वाले एक बॉरोअर्स ने उनके खिलाफ कानूनी केस किया है। बैंक का कहना है कि यह केस लोन वसूली की कार्रवाई में बाधाएं पैदा करने के इरादे से किया गया है और बैंक इससे निपटने के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाएगा।
बैंक ने एक बयान जारी कर कहा, "हम आपको जानकारी देना चाहते हैं कि ऑरेंज मेडिकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड (OMRC) के डायरेक्टर की तरफ से एक FIR दर्ज कराई गई है, ताकि लोन वसूली की कार्रवाई में बाधाएं पैदा की जा सके और गिरवी रखे संपत्ति को जब्त होने से बचाया जा सके।
बैंक ने कहा, "हम शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों से इनकार करते हैं और हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि बैंक अपनी कार्रवाई, अपने अधिकारियों का बचाव करने के लिए सभी कदम उठाएगा और इस मामले को अंत तक ले जाएगा।"
बैंक ने आगे कहा कि पहले ही ऐसा देखने को मिला है जब लोन न चुका पाने वाले बॉरोअर्स ने बैंक के खिलाफ आपराधिक सहित कई मामले दर्ज कराकर लोन वसूली की प्रक्रिया में बाधा पैदा करने की कोशिश की है।
बैंक ने कहा, "सरस्वत बैंक इस तरह के दबाव की रणनीति के आगे नहीं झुकेगा और डिफॉल्ट करने वाली कंपनी की संपत्ति जब्त करने के लिए सभी कानूनी उपाय करेगा।"
बयान में आगे कहा कि OMRC ने बैंक से लिए लोन पर डिफॉल्ट किया है और वर्तमान में बैंक को उससे करीब 16 करोड़ रुपये से अधिक रकम ब्याज के साथ वसूलनी है। बैंक ने यह भी बताया कि उसके सिक्योरिटाइजेशन ऑफिसर ने पॉजेशन की नोटिस जारी करके वसूली प्रक्रिया शुरू की है।
बैंक ने कहा, "हम आगे यह बताना चाहते हैं कि बॉरोअर्स ने बैंक के साथ वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) करने की कोशिश की, लेकिन वह सहमत राशि का भुगतान करने में विफल रहा और इसलिए OTS विफल रहा। ऐसे में बॉरोअर्स को लग गया कि बैंक अब उसकी संपत्ति जब्त कर लेगा, इसलिए उसने बैंक के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर सहिक दूसरे अधिकारियों के खिलाफ यह झूठा मामला दर्ज कराया है।"
इससे पहले मनीकंट्रोल ने एक रिपोर्ट में बताया था पुणे पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत के एक आदेश के आधार पर सारस्वत बैंक के चेयरमैन गौतम ठाकुर और मैनेजिंग डायरेक्टर स्मिता संधाने सहित 8 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
कोथरुड पुलिस स्टेशन (Kothrud Police station) के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर महेंद्र जगताप ने मनीकंट्रोल को बताया, "हमने कोर्ट के आदेश के आधार पर सारस्वत बैंक के चेयरमैन और सात अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। फिलहाल जांच जारी है।"
सारस्वत बैंक की स्थापना 1918 में हुई थी और यह देश का सबसे बड़ा अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक होने का दावा करता है। बैंक का ऑपरेशन 6 राज्यों- महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में फैला हुआ है। बैंक की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, इसका कुल बिजनेस 67,000 करोड़ रुपये से अधिक है और इसकी देश भर में 283 शाखाओं और 311 से अधिक एटीएम हैं।