Russian Stocks prices: लंदन स्टॉक एक्सचेंज में रूसी कंपनियों के शेयरों का बुरा हाल, भाव जानकर चौंक जाएंगे आप

रूस की दिग्गज ऑयल कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) के जीडीआर का भाव पिछले करीब दो हफ्ते में करीब 90 फीसदी गिर चुका है। अब इसका भाव 1 डॉलर से नीचे आ गया है। गुरुवार को इसके जीडीआर में ट्रेडिंग नहीं हुई। बुधवार को इसके जीडीआर का भाव 0.60 डॉलर था

अपडेटेड Mar 03, 2022 पर 5:34 PM
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लंदन स्टॉक एक्सचेंज में रूस से जुड़ी 27 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग पर रोक लगाने का फैसला किया। एमएससीआई के अपने सूचकांकों से रूस की कंपनियों को बाहर करने के फैसले के बाद उसने यह कदम उठाया।

रूस के स्टॉक मार्केट (Russian Stock market) में पिछले चार दिन से ट्रेडिंग ठप है। लेकिन, लंदन स्टॉक एक्सचेंज (London Stock Exchange) में रूसी कंपनियों की हालत बहुत खराब है। इन कंपनियों के शेयर पेनी स्टॉक्स बन गए हैं। इनमें कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन कुछ दिन पहले 100 अरब डॉलर था। लेकिन शेयरों में गिरावट से उनकी वैल्यू नाममात्र की रह गई है। एलएसई ने गुरुवार को रूसी कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग पर रोक लगा दी।

रूसी कंपनियों के शेयरों में गुरुवार से ट्रेडिंग नहीं हो रही है। बुधवार को इन शेयरों में कौड़ियों के भाव कारोबार हो रहा था। लंदन स्टॉक एक्सचेंज में इन शेयरों की सेकेंडरी लिस्टिंग के तहत कारोबार हो रहा था। दरअसल, इन शेयरों के जीडीआर और एडीआर में लंदन स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेडिंग होती थी। बुधवार को रूस के सबसे बड़े बैंक सबेरबैंक (SberBank) के एडीआर गिरकर 0.05 डॉलर पर आ गया। फरवरी के मध्य से इसका भाव 99 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फरवरी के मध्य में इसका भाव 14 डॉलर था।

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सबेरबैंक रूस का सबसे बड़ा बैंक है। छह महीने पहले इस बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 102 अरब डॉलर से ज्यादा था। अब इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 19 करोड़ डॉलर से कम रह गया है। यह वैल्यू लंदन में लिस्टेड शेयरों के टोटल प्राइस पर आधारित है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूक्रेन पर हमले की रूस को कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है।

रूस की दिग्गज ऑयल कंपनी रोसनेफ्ट (Rosneft) के जीडीआर का भाव पिछले करीब दो हफ्ते में करीब 90 फीसदी गिर चुका है। अब इसका भाव 1 डॉलर से नीचे आ गया है। गुरुवार को इसके जीडीआर में ट्रेडिंग नहीं हुई। बुधवार को इसके जीडीआर का भाव 0.60 डॉलर था। इस साल 1 जनवरी को इसका भाव 8 डॉलर से ज्यादा था। इससे इस शेयर की पिटाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पिछले दो हफ्ते में रूस की दूसरी दिग्गज ऑयल कंपनी लुकऑयल के जीडीआर का भी यही हाल है। इस दौरान इसके भाव 99.7 फीसदी लुढ़क चुके हैं। बुधवार को इसका भाव लंदन स्टॉक एक्सचेंज में गिरकर 25 सेंट रह गया था। इसी तरह गजप्रोम और नोवाटेक के जीडीआर में बड़ी गिरावट आई है। इनके भाव फरवरी मध्य से 99.8 फीसदी गिर चुके हैं।

लंदन स्टॉक एक्सचेंज में रूस से जुड़ी 27 कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग पर रोक लगाने का फैसला किया। उसने गुरुवार को यह फैसला लिया। एमएससीआई के अपने सूचकांकों से रूस की कंपनियों के शेयरों को बाहर करने के फैसले के बाद उसने यह कदम उठाया। गुरुवार को मार्केट ओपन होने से पहले एलएसई ने कहा कि वह तुरंत प्रभाव से रूस की दो दर्ज कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग पर रोक लगा रहा है। इनमें सबेरबैंक, गजप्रोम, लुकऑयल और पॉलीअस जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।

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