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IDBI Bank के निजीकरण के बाद भारत सरकार की बची हिस्सेदारी को माना जाएगा 'पब्लिक शेयरहोल्डिंग', SEBI ने दी मंजूरी

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण के बाद भारत सरकार की बैंक में बची हिस्सेदारी को 'पब्लिक शेयरहोल्डिंग' के तौर पर माना जाएगा। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत निजीकरण के बाग आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी को पुनवर्गीकृत कर उसे 'पब्लिक शेयरहोल्डिंग' के रूप में परिभाषित किया जाएगा

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 05, 2023 पर 8:31 PM
IDBI Bank के निजीकरण के बाद भारत सरकार की बची हिस्सेदारी को माना जाएगा 'पब्लिक शेयरहोल्डिंग', SEBI ने दी मंजूरी
आईडीबीआई बैंक में सरकार और LIC की कुल मिलाकर 95 फीसदी हिस्सेदारी है।

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण के बाद भारत सरकार की बैंक में बची हिस्सेदारी को 'पब्लिक शेयरहोल्डिंग' के तौर पर माना जाएगा। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत निजीकरण के बाग आईडीबीआई बैंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी को पुनवर्गीकृत कर उसे 'पब्लिक शेयरहोल्डिंग' कैटेगरी में डाला जाएगा। IDBI बैंक की तरफ से गुरुवार को 5 जनवरी को जमा एक रेगुलेटरी फाइलिंग से यह जानकारी मिली है। बैंक ने बताया कि उसे SEBI ने उसे शेयरहोल्डिंग के पुनवर्गीकृत की इस शर्त पर मंजूरी दी है कि निजीकरण के बाद सरकार का वोटिंग राइट्स बैंक में 15 फीसदी से अधिक नहीं होगा।

SEBI ने कहा, "भारत सरकार का वोटिंग राइट्स, बैंक की कुल वोटिंग राइट्स का 15 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।"

बता दें कि भारत सरकार, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के साथ मिलकर IDBI बैंक में अपनी कुल 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। इसमें से 30.48 फीसदी हिस्सेदारी भारत सरकार, जबकि बाकी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी LIC बेचेगी।

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