भारत और ओमान के बीच जल्द हो सकता है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, इस एक चीज के पूरा होने का है इंतजार

India-Oman FTA: समझौते को कॉम्प्रिहैन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट नाम दिया गया है। ओमान, भारत के लिए गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल देशों में तीसरी सबसे बड़ी एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है। भारत और ओमान के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बातचीत औपचारिक रूप से नवंबर 2023 में शुरू हुई थी

अपडेटेड Aug 09, 2025 पर 6:10 PM
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फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में दो ट्रेडिंग पार्टनर अपने बीच ट्रेड की जाने वाली चीजों में से ज्यादातर पर कस्टम ड्यूटी या तो काफी कम कर देते हैं या खत्म कर देते हैं।

भारत और ओमान के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बातचीत चल रही है। इस समझौते के जल्द ही साइन होने की उम्मीद है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक अधिकारी का कहना है कि व्यापार समझौते के ड्राफ्ट को ओमान में अरबी भाषा में ट्रांसलेट किया जा रहा है। यह ट्रांसलेशन होने के बाद, दोनों देशों की मंत्रिपरिषद की ओर से समझौते को मंजूरी दी जाएगी।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में दो ट्रेडिंग पार्टनर अपने बीच ट्रेड की जाने वाली चीजों में से ज्यादातर पर कस्टम ड्यूटी या तो काफी कम कर देते हैं या खत्म कर देते हैं। साथ ही सर्विसेज में ट्रेड को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए नियमों को भी आसान बनाते हैं।

3 महीने से भी पहले हो जाएगा साइन


भारत और ओमान के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए बातचीत औपचारिक रूप से नवंबर 2023 में शुरू हुई थी। इस समझौते को कॉम्प्रिहैन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) नाम दिया गया है। अधिकारी ने कहा, "दोनों देशों ने सैद्धांतिक रूप से समझौते के पूरा होने और उस पर साइन करने की घोषणा एक साथ करने का फैसला किया है।" यह पूछे जाने पर कि क्या इसमें दो से तीन महीने लगेंगे, अधिकारी ने कहा कि इससे भी कम वक्त में यह हो जाएगा।

ओमान, भारत के लिए गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों में तीसरी सबसे बड़ी एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है। भारत का पहले से ही एक अन्य GCC सदस्य, संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक ऐसा ही समझौता है। यह मई 2022 में लागू हुआ था।

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ब्रिटेन के साथ जुलाई में हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

इस साल जुलाई में भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ। दोनों देशों के बीच इस समझौते से 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना या 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। यह समझौता 99 प्रतिशत भारतीय एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को कम करेगा। भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2023-24 में 21.34 अरब डॉलर रहा था। वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 10 महीनों में सामान का व्यापार 21.33 अरब डॉलर रहा।

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