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Sir Ratan Tata Trust में नेविल टाटा की नियुक्ति पर अब भी नहीं बन पाई है सहमति

सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) के बोर्ड की मीटिंग 17 जनवरी को होने वाली थी। लेकिन, यह कैंसिल हो गई। इससे ट्रस्ट में बतौर ट्रस्टी नेविल टाटा की नियुक्ति में देर होती दिख रही है। एसआरटीटी के बोर्ड की मीटिंग कैंसिल होना इस बात का संकेत है कि नेविल टाटा की नियुक्ति पर अभी ट्रस्टीज के बीच एक राय नहीं बन पाई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 17, 2026 पर 10:38 PM
Sir Ratan Tata Trust में नेविल टाटा की नियुक्ति पर अब भी नहीं बन पाई है सहमति
पिछले साल नवंबर में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में नेविल टाटा और भास्कर भट की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई थी। लेकिन, सर रतन टाटा ट्रस्ट में ऐसा नहीं हो पाया था।

सर रतन टाटा ट्रस्ट (एसआरटीटी) के ट्रस्टी के रूप में नेविल टाटा की नियुक्ति में देर होती दिख रही है। इसकी वजह यह है कि शनिवार (17 जनवरी) को होने वाली ट्रस्ट की मीटिंग कैंसिल हो गई। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी।

मनीकंट्रोल ने 15 जनवरी को बताया था कि एसआरटीटी बोर्ड की बैठक 17 जनवरी को होने वाली है। इसमें कई दूसरे मसलों के साथ बतौर ट्रस्टी नेविल टाटा की नियुक्ति पर विचार होगा। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट के बोर्ड की मीटिंग्स भी 17 जनवरी को होने वाली थी। सूत्रों ने बताया कि ये दोनों मीटिंग प्लान के मुताबिक हुईं।

एसआरटीटी के बोर्ड की मीटिंग कैंसिल होना इस बात का संकेत है कि नेविल टाटा की नियुक्ति पर अभी ट्रस्टीज के बीच एक राय नहीं बन पाई है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस बारे में टाटा ट्रस्ट्स को भेजे ईमेल का जवाब खबर लिखे जाने तक नहीं आया। पिछले साल नवंबर में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में नेविल टाटा और भास्कर भट की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई थी। लेकिन, सर रतन टाटा ट्रस्ट में ऐसा नहीं हो पाया था।

भास्कर भट का पुराना रिश्ता टाटा समूह से रहा है। उन्होंने टाइटन का नेतृत्व किया है। पिछले साल नवंबर में दोनों ट्रस्ट्स को नॉमिनीज के एक जैसे नामों पर विचार करना था। इसमें नेविल टाटा की नियुक्ति तीन साल के लिए और भट को बतौर प्रोफेशनल ट्रस्टी नियुक्ति का प्रस्ताव था। 11 नवंबर को सर दोराबजी ट्रस्ट ने नियुक्त के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। लेकिन, सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड की मीटिंग में नियुक्ति के प्रस्ताव पर विचार नहीं हुआ। इसकी वजह वेणु श्रीनिवासन की आपत्ति थी। बोर्ड के सामने आइटम्स पेश करने के तरीके पर उन्होंने आपत्ति जताई थी।

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