BharatPe को अगस्त में रिकॉर्ड रेवेन्यू, लेकिन इस एक मोर्चे पर अभी राहत नहीं

दिग्गज फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे (BharatPe) को अगस्त 2023 में 2.35 करोड़ डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड ग्रॉस रेवेन्यू हासिल हुआ था। लेंडिंग बिजनेस के रेवेन्यू के साथ-साथ प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइसेज जैसे बाकी सर्विसेज में एंट्री के चलते इसका ग्रॉस रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। कंपनी के इनटर्नल डॉक्यूमेंट्स से इसका खुलासा हुआ है। चेक करें कि कंपनी के कारोबार की आगे क्या स्थिति दिख रही है?

अपडेटेड Oct 23, 2023 पर 12:30 PM
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फिनटेक कंपनी BharatPe का रेवेन्यू स्थायी रूप से बढ़ रहा है लेकिन इनटर्नल डॉक्यूमेंट के मुताबिक अगस्त में इसका EBITDA बर्न करीब 13 लाख डॉलर रहा।

दिग्गज फिनटेक यूनिकॉर्न भारतपे (BharatPe) को अगस्त 2023 में 2.35 करोड़ डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपये) का रिकॉर्ड ग्रॉस रेवेन्यू हासिल हुआ था। लेंडिंग बिजनेस के रेवेन्यू के साथ-साथ प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइसेज जैसे बाकी सर्विसेज में एंट्री के चलते इसका ग्रॉस रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। कंपनी के इनटर्नल डॉक्यूमेंट्स से इसका खुलासा हुआ है। ग्रोथ में तेजी के दम पर सिर्फ इसकी लिस्टिंग की योजना को ही प्रोत्साहन नहीं मिलेगा बल्कि इसके को-फाउंडर अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) के पिछले साल स्टार्टअप छोड़ने के बाद जिन विवादों से जूझ रही है, उनके बीच राहत मिलेगी।

अगस्त में एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट भी (ARRR) भी अगस्त 2021 के एआरआर की तुलना में करीब 5.4 गुना उछलकर 28.2 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। जून 2023 में इसका एआरआर 27 करोड़ डॉलर पर था। ARRR से मौजूदा कमाई के आधार पर आने वाले महीनों में कंपनी की मौजूदा ग्रोथ के हिसाब से होने वाले रेवेन्यू का अनुमान लगाया जाता है। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का रेवेन्यू 169 फीसदी उछलकर 321 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इसके 5594 कोरड़ रुपये का घाटा हुआ था।

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अक्टूबर में पॉजिटिव EBITDA के आसार

फिनटेक कंपनी भारतपे का रेवेन्यू स्थायी रूप से बढ़ रहा है लेकिन इनटर्नल डॉक्यूमेंट के मुताबिक अगस्त में इसका EBITDA बर्न करीब 13 लाख डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2022 में इसे 5594 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि कंपनी का कहना है कि इसमें से 85 फीसदी तो अकाउंटिंग से जुड़े नियमों के चलते हुआ है। कंपनी मार्च तक प्रॉफिटेबिलिटी को हासिल करने के शुरुआत लक्ष्य से चूक चुकी है लेकिन इसका मानना है कि इस महीने अक्टूबर 2023 में इसका EBITDA पॉजिटिव हो जाएगा। EBITDA ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी के मुनाफा कमाने की क्षमता को मापता है।

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लोन बांटने और PoS सेगमेंट में ऐसी ही स्थिति

कंपनी के लेंडिंग बिजनेस यानी लोन बांटने के कारोबार की बात करें तो इसमें ग्रोथ दिखी है। अगस्त 2023 में भारतपे का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 8.5 करोड़ डॉलर रहा। इसके इनटर्नल डॉक्यूमेंट के मुताबिक इसका एक्टिव मर्चेंट बेस 2021 में 18 लाख से बढ़कर अगस्त 2023 में 31 लाख पर पहुंच गया। अब इसकी पीओएस डिवाइस सेगमेंट में मौजूदगी की बात करें तो कंपनी के दावे के मुताबिक देश के 400 शहरों में करीब 2 लाख पीओएस मशीन इसकी लगी हुई हैं और यह इस कैटेगरी की टॉप 3 फिनटेक कंपनियों में शुमार है।

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इसके पीओएस कारोबार में आगे और तेजी के आसार हैं क्योंकि इसका मर्चेंट बेस बढ़ रहा है। कंपनी ने अगस्त में एक साल में अपने प्वाइंट-ऑफ-सेल बिजनेस को बढ़ाने की योजना का ऐलान किया। इसके तहत यह रेस्टोंरेट्स और रिटेल स्टोर्स जैसे इंडस्ट्री सेगमेंट के लिए इंटीग्रेटेड इंवेंटरी, बिलिंग और पेमेंट सॉल्यूशंस कस्टमाइज्ड को लॉन्च करने की योजना है। कंपनी ने अपना एंड्रॉयड पीओएस टर्मिनल, भारतपे स्वाइप एंड्रॉयड लॉन्च किया है।

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