सितंबर तिमाही के बेहतर नतीजे के बावजूद कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के शेयर आज भरभरारकर गिर पड़े। शुरुआती कारोबार में यह ढाई फीसदी से अधिक फिसल गया। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के बेहतर नतीजे पर नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति शेयरों पर भारी पड़ी। इंट्रा-डे में बीएसई पर यह 2.66 फीसदी फिसलकर 1722.50 रुपये पर आ गया था। दिन के आखिरी में बीएसई पर यह 1.67 फीसदी की कमजोरी के साथ 1739.95 रुपये के भाव (Kotak Bank Share Price) पर बंद हुआ है। सितंबर तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट और नेट इंटेरेस्ट इनकम (NII) मार्केट के अनुमानों के हिसाब से रहा और एनपीए कम हुआ। हालांकि नए सीईओ की नियुक्ति ने इसके शेयरों को तगड़ा झटका दिया है और ब्रोकरेज भी इसे लेकर पॉजिटिव नहीं दिख रहे हैं।
नतीजों पर ब्रोकरेज का क्या है रुझान
ब्रोकरेज CLSA ने कोटक महिंद्रा बैंक को आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है लेकिन टारगेट प्राइस 2200 रुपये से घटाकर 2050 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक लोन ग्रोथ तो सही ट्रैक पर है लेकिन नेट इंटेरेस्ट मार्जिन (NIM) में तेज गिरावच चौंकाने वाली रही। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने वित्त वर्ष 2024 के प्रॉफिट अनुमान में 6 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है और वित्त वर्ष 2025 के अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन क्रेडिट कॉस्ट के नॉर्मलाइजेशन के चलते वित्त वर्ष 2026 के प्रॉफिट के अनुमान में 7 फीसदी की कटौती कर दी है।
Kotak Bank के नए सीईओ पर क्या रुझान
केंद्रीय बैंक RBI ने अशोक वसवानी को कोटक बैंक अगले एमडी और सीईओ के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। बर्न्स्टीन के मुताबिक सीईओ में बदलाव की उम्मीद तो थी लेकिन किसी बाहरी शख्स को यह जिम्मेदारी देने पर अब बैंक के स्ट्रैटेजी में किसी अहम बदलाव पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसके अलावा अब किसी बड़ी शुरुआत पर फैसले में देरी की आशंका बन गई है। ब्रोकरेज ने इसे 2100 रुपये के टारगेट प्राइस पर मार्केट परफॉर्म रेटिंग दी है। अभी तक कोटक बैंक को एक कोर टीम ऑपरेट करती थी जिसका नेतृत्व बैंक अब तक प्रमोटर-सीईओ ही करते आए हैं लेकिन अब पहली बार बाहर से किसी को इसकी कमान दी जा रही है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक नए सीईओ के डिजिटल और कंज्यूमर बैंकिंग में ढेर सारे अनुभवों से बैंक को फायदा मिलेगाल लेकिन उन्हें अपना स्ट्रैटेजी लागू करने में कम से कम 18-24 महीने लग सकते हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक अशोक की नियुक्ति से इसके शेयरों पर नियर टर्म में दबाव दिख सकता है। ऐसे में इसे 1900 रुपये के टारगेट प्राइस पर होल्ड रेटिंग दी है।
जेफरीज के मुताबिक पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि सीनियर मैनेजमेंट से ही किसी को बैंक की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है लेकिन अब किसी बाहरी शख्स को इसकी जिम्मेदारी देने के फैसले से अनिश्चितता बढ़ी है। ऐसे में जेफरीज ने इसकी रेटिंग घटाकर होल्ड कर दी और टारगेट प्राइस भी 2400 रुपये से कम कर 1940 रुपये कर दिया है।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाव ओसवाल बैंक के बिजनेस ग्रोथ आउटलुक को लेकर काफी पॉजिटिव है लेकिन इसका भी मानना है कि नए सीईओ के नेतृत्व में बैंक किस तरह से आगे बढ़ेगा, नियर टर्म में शेयरों पर इसके असर को मापने के लिए नजर रखनी होगी।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।