दिल्ली सरकार (Delhi government) 5 मार्च को त्यागराज स्टेडियम में 'बिजनेस ब्लास्टर्स' (Business Blasters) इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस इन्वेस्टमेंट समिट आयोजन के दौरान सरकारी स्कूल के छात्रों के 100 से अधिक टॉप बिजनेस आइडिया को निवेशकों के सामने पेश किया जाएगा।
बिजनेस ब्लास्टर्स दिल्ली सरकार का स्कूल स्टार्ट-अप प्रोग्राम है, जहां कक्षा 11 और 12 के छात्र बिजनेस आइडिया का प्रस्ताव रखते हैं और सरकार इन प्लेटफॉर्म को आकार देने में उनकी मदद करती है। दिल्ली सरकार के स्कूलों में इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा और इसका लक्ष्य स्कूल के स्तर पर युवा उद्यमी तैयार करना है।
दिल्ली के डिप्टी सीएम और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने बताया कि छात्रों द्वारा 'बिजनेस ब्लास्टर्स' पहल में 51,000 स्टार्ट-अप आइडिया प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से 1,000 को प्रोग्राम के दूसरे दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
डिप्टी सीएम ने यह भी बताया कि राज्य के यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों जैसे दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ और नेताजी सुभाष टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में 700 छात्रों को BBA प्रोग्रामों में सीधे एडमिशन दिया जाएगा।
सिसोदिया ने कहा कि इन 1,000 आइडिया में से 100 से अधिक छात्रों के नेतृत्व वाले टॉप बिजनेस आइडिया का चयन किया गया है। हम 5 मार्च को त्यागराज स्टेडियम में बिजनेस ब्लास्टर्स इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन करेंगे। इन टॉप बिजनेस आइडिया को निवेशकों के सामने रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि देश के सभी निवेशक, जो नए बिजनेस आइडिया में निवेश करना चाहते हैं इन्वेस्टमेंट समिट में भाग लें। सिसोदिया ने कहा कि शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को बिजनेस से संबंधित सभी सवालों के जवाब देने की ट्रेनिंग दी गई है।
सिसोदिया ने कहा कि यह प्रोग्राम पायलट परियोजना के तौर पर सफल हुआ था और इसमें कक्षा 11 तथा 12 के छात्रों को व्यवसाय शुरू करने के लिए दो हजार रुपये दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए बनाया गया यह कार्यक्रम देश की प्रगति का आधार बनेगा। इसके जरिए, बच्चे नौकरी के लिए नहीं भागेंगे बल्कि नौकरी इन बच्चों के पीछे आएगी।
मंत्री ने कहा कि अगर इस पहल को सही तरीके से लागू किया जाता है तो इससे भारत एक विकासशील देश से विकसित देश बन सकता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत पिछले साल पायलट परियोजना के तहत खिचड़ीपुर के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में की गई थी। सिसोदिया ने कहा कि इसका उद्देश्य बच्चों में इस भावना को जागृत करना है कि वे जो भी करें, उसे उद्यमी मानसिकता के साथ करें।