एडटेक फर्म बायजूज (Byju's) के वकीलों ने शुक्रवार 22 दिसंबर को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में कहा कि कंपनी की सेहत अच्छी है और यह काफी अच्छे से काम कर रही है। बायूजज के खिलाफ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने NCLT में दिवालिया याचिका पर दायर की हुई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए NCLT ने पूछा कि कंपनी कैसा प्रदर्शन कर रही थी? इस पर बायजूज के वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि कंपनी के प्रदर्शन को लेकर मीडिया में बहुत सारी नकारात्मक खबरें फैली हुई थीं, जिससे यह लग रहा था कि कंपनी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है।
केस के हाई प्रोफाइल नेचर को देखते हुए NCLT ने कहा कि इसकी सुनवाई जल्द से जल्द की जानी चाहिए। इसके बाद उसने मामले की सुनवाई 17 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। बायजूज ने NCLT को बताया है कि उन्हें BCCI की याचिका पर प्रारंभिक आपत्तियां हैं और उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मिला है।
BCCI ने 8 सितंबर को बायजूज के खिलाफ याचिका दायर की थी और उसके बाद 28 नवंबर को इस पर पहली सुनवाई हुई। पहली सुनवाई पर, NCLT ने बायजू को नोटिस जारी किया और उससे जवाब मांगा।
पिछली सुनवाई के दौरान BCCI ने दावा किया था कि बायजूज ने उसे 158 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। NCLT के आदेश में कहा गया है, "बायजूज को ईमेल के जरिए 6 जनवरी को सामान्य नोटिस जारी किया गया था और इसमें टीडीएस को छोड़कर डिफॉल्ट राशि 158 करोड़ रुपये थी।"
बायजूज ने एक समय BCCI के अलावा ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) और FIFA (फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन) के साथ भी ब्रांडिंग साझेदारी की हुई थी। इस साझेदारी को 2023 में रिन्यूअल काराया जाना। हालांकि, कंपनी ने साल की शुरुआत में साफ कर दिया वह इसमें से किसी भी साझेदारी को आगे नहीं बढ़ाएगी। अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि BCCI ने इसी मामले को लेकर याचिका दायर की है या फिर किसी और मुद्दे पर।
बायजूज के सामने यह मुसीबत ऐसे समय में आई है, जब वह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का सामना कर रही है। ED ने फेमा उल्लंघन मामले में एडटेक कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड और बायजू रवींद्रन को कारण बताओ नोटिस भेजने की पुष्टि की है।