एडटेक फर्म Byju’s के निवेशकों ने एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान रखे गए सभी प्रस्तावों को पास कर दिया। इनमें FY22 के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी भी शामिल है। Byju’s की 3 घंटे लंबी चली और गर्मागर्मी से भरी AGM में करीब 60 शेयरहोल्डर्स ने भाग लिया। AGM के दो प्रमुख मुद्दे थे। पहला- वित्त वर्ष 2022 के लिए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों पर चर्चा और मंजूरी, दूसरा- 5 साल की अवधि के लिए MSKA and Associates (भारत में BDO) को ऑडिटर नियुक्त करना। AGM में MSKA and Associates को फिर से ऑडिटर नियुक्त करने को मंजूरी दे दी गई है।
MSKA and Associates को फिर से ऑडिटर नियुक्त करने के मुद्दे पर मीटिंग में शेयरधारकों की ओर से विरोध जताया गया, यहां तक कि उन्होंने प्रस्ताव पारित करने से इनकार कर दिया। दरअसल मीटिंग के फर्स्ट हाफ में MSKA and Associates की गैरमौजूदगी से शेयरधारकों का संदेह बढ़ा। लेकिन फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन ने उन्हें यह कहते हुए आश्वस्त किया कि वह ऑडिटर के साथ चर्चा के लिए बाद में एक और मीटिंग आयोजित करेंगे।
लेकिन शेयरधारकों ने एजीएम को फिर से बुलाने का अनुरोध करते हुए ऑनलाइन मीटिंग से बाहर जाना शुरू कर दिया। इसके बाद ऑडिटिंग फर्म के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव ने मीटिंग को जॉइन किया। साथ ही फर्म की ओर से AGM खत्म होने से पहले शेयरधारकों के सभी सवालों के जवाब दिए गए।
मीटिंग में ऑडिटिंग फर्म के एक सीनियर एग्जीक्यूटिव मनीष मखीजा ने इस बात पर रोशनी डाली कि कंपनी एक निरंतर चिंता का विषय बनी हुई है। कंपनी के एसेट्स और लायबिलिटीज के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने आगे कहा कि लगातार नकदी की कमी और टर्म लोन बी से संबंधित दायित्व के कारण, इसके रिसोर्सेज में अंतर बना हुआ है और यह चिंता का कारण बन गया है। हालाकि, मखीजा ने यह भी कहा कि Byju’s को जल्द ही एक और फंडिंग मिलने की उम्मीद है और उसके पास कई नॉन-बाइंडिंग ऑफर हैं। इतना ही नहीं उसकी सहायक कंपनियों की बिक्री की संभावना भी है।