दुनिया की सबसे अधिक वैल्यू वाली एडुटेक फर्म बायजूज (Byju's) ने तगड़ा निवेश हासिल किया है। अमेरिकी अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फर्म डेविडसन केंपनर ने स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए इसमें 25 करोड़ डॉलर (2056.41 करोड़ रुपये) डाले हैं। मनीकंट्रोल ने इस हफ्ते की शुरुआत में ही यह जानकारी दी थी कि बायजूज अमेरिकी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों और मिडिल ईस्ट के सॉवरेन फंड्स से 100 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश में है। इसमें से 30 करोड़ डॉलर का फंड स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स और बाकी 70 करोड़ डॉलर का फंड 2200 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर इक्विटी के जरिए जुटाने की योजना थी।
स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स मार्केट लिंक्ड इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट होते हैं जिन्हें बाद में शेयरों में बदला जा सकता है और आमतौर पर निवेशकों को यह डिस्काउंट में मिलता है। मौजूदा विपरीत परिस्थितयों में बायजूज को जो फंड मिला है, उससे यह 120 करोड़ डॉलर के टर्म लोन बी (TLB) के कुछ हिस्से का चुकता करेगी। यह लोन बायजूज ने 2021 में हासिल किया था।
अहम मौके पर मिला Byju's को निवेश
बायजूज को अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म से यह निवेश अहम मौके पर मिला है। इसकी वजह यह है कि कुछ हफ्ते पहले केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के प्रावधानों के तहत इसके ऑफिसों पर छापा मारा था। इसके अलावा यह फंड बायजूज को ऐसे समय में मिला है जब भारतीय स्टार्टअप फंडिंग की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। वहीं निवेशक एडुटेक कंपनियों को लेकर और ज्यादा सतर्क हैं क्योंकि महामारी के बाद अब ऑनलाइन लर्निंग की मांग तेजी से कम हुई है।
देश की सबसे अधिक वैल्यू वाली स्टार्टअप बायजूज पिछले साल से ही भारी दिक्कतों से जूझ रही है। खातों में गड़बड़ी, कोर्सेज की गलत तरीके से बिक्री और भारी छंटनी के चलते यह लगातार खबरों में बनी हुई है। पिछले एक साल में इसने 3500 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी की है। बायजूज को बायजू रवींद्रन और उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने करीब एक दशक पहले शुरू किया था। अब तक यह इक्विटी और डेट के जरिए 500 करोड़ डॉलर से अधिक जुटा चुकी है। पिछली बार इसने अक्टूबर 2022 में 2200 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर 25 करोड़ डॉलर जुटाए थे।
Aakash के लिए Byju's की ये है योजना
बायजूज अपनी ट्यूटरिंग सर्विसेज यूनिट-आकाश एडुकेशनल सर्विसेज (Aakash Educational Services) को 300-400 करोड़ डॉलर के वैल्यूएशन पर घरेलू मार्केट में लिस्ट करने की कोशिश में है। बायजूज ने आकाश को अप्रैल 2021 में करीब 100 करोड़ डॉलर में खरीदा था। लिस्टिंग के अलावा कंपनी की योजना आकाश को इसके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी अनएकेडमी (Unacademy) में विलय करने की है।