दुनिया की सबसे अधिक वैल्यूएशन वाली एडटेक कंपनी बायजू (Byju's) में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। करीब 22 अरब डॉलर के वैल्यूएशन वाली बायजू ने अपनी सभी ग्रुप कंपनियों को मिलाकर कुल 2,500 रुपये एंप्लॉयी की छंटनी की है। दो साल की बंपर उछाल के बाद एडटेक कंपनियों की ग्रोथ अब धीमी हुई, जिसके चलते बायजू रवींद्र की अगुआई वाली यह यूनिकॉर्न कंपनी आक्रामक तरीके से अपनी लागत घटाने के तरीकों पर काम कर रही है।
बायजू ने अपनी सेल्स, मार्केटिंग, ऑपरेशंस, कंटेंट और डिजाइन टीम के अलावा अपने ग्रुप की कंपनियों- टॉपर (Toppr), व्हाइटहैट जूनियर (WhiteHat Jr) के फुल-टाइम और कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है।
बायजू ने 27 जून और 28 जून को Toppr और WhiteHat Jr के 1,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। वहीं 29 जून को अपनी कोर ऑपरेंशस टीम से करीब 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने को लेकर मेल भेजा। बता दें कि बायजू ने पिछले 2 सालों के दौरान Toppr और WhiteHat Jr का अधिग्रहण किया है।
एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सबसे अधिक कर्मचारी कंटेंट और डिजाइन टीम से निकाले गए हैं।" उन्होंने बताया, "उन्होंने अपने सभी ग्रुप की कंपनियों में कंटेंट, सॉल्यूशन राइटिंग और डिजाइन टीम में भारी कटौती की है। इनमें से कई टीम की संख्या तो शून्य कर दी गई है। अभी तक बायजू अपने ग्रुप की दूसरी कंपनियों के कर्मचारियों की छंटनी कर रही थी, इसलिए उनके नाम सीधे नहीं आते थे, लेकिन इस बार उन्होंने अपने कोर ऑपरेशंस टीम में शामिल कर्मचारियों की छंटनी की है।"
बायजू ने अकेले Toppr से 1,200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। सूत्रों ने बताया कि इनमें 300 से 350 कर्मचार, टॉपर के परमानेंट एंप्लॉयी थे। वहीं करीब 300 कर्मचारियों को अपना इस्तीफा सौंपने को कहा गया और या उनसे कहा गया कि एक-डेढ़ महीने की उन्हें सैलरी नहीं मिलेगी। इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले 600 कर्मचारियों को भी निकाला गया है, जिनकी कॉन्ट्रैक्ट अवधि इस साल अक्टूबर या नवंबर में खत्म होने वाला था।
एक सूत्र ने बताया, "कंपनी ने छंटनी के पीछे लागत में कटौती और पदों की जरूरत नहीं जैसे वजह बताए हैं।" उन्होंने बताया, "बायजू टॉपर के बिजनेस को भी खुद में इंटीग्रेट करने की कोशिश कर रही है। इस वजह से भी एडुकेटर्स के अलावा बाकी पदों की जरूरत नहीं है। टॉपर में इस समय केवल 100 कर्मचारी बचे हैं।"