Dunzo Layoff: चंद मिनटों में सामान डिलीवरी करने वाली कंपनी, डुंजो (Dunzo) में एक बार फिर से छंटनी (Layoff) होने जा रही है। यह छंटनी कितनी बड़ी होगी, इसके बारे में आने वाले हफ्तों में फैसला किया गया जाएगा। कंपनी के को-फाउंडर और सीटीओ मुकंद झा (Mukund Jha) ने बधवार 19 मार्च को सभी कर्मचारियों के साथ एक बातचीत में यह जानकारी दी। यह पिछले 7 महीनों में यह तीसरी बार है, जब Dunzo अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही है। कंपनी इस समय काफी मुश्किल भरे दौर से गुजर रही है, खासतौर से कैशफ्लो से जुड़ी चुनौतियों को लेकर।
सीनियर कर्मचारियों का अनुमान है कि छंटनी के इस दौर में कम से कम 200 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा सकता है, जो कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या का 20 प्रतिशत है। इससे पहले छंटनी के दो दौर में Dunzo करीब 380 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है।
हालांकि मुकंद झा ने दावा किया कि कंपनी के पास करीब 18 महीने का रनवे और उसके बैंक खाते में 4 करोड़ डॉलर (करीब 328 करोड़ रुपये) जमा है, लेकिन कर्ज देनदारियों के चलते स्टार्टअप इस फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकती है। बता दें कि रनवे का मतलब है कि स्टार्टअप के पास अपना कारोबार चलाने के लिए कितने महीनों का पैसा बचा है।
झा ने 19 जुलाई को कर्मचारियों के साथ एक बातचीत में कहा, “हम निश्चित रूप से छंटनी पर विचार कर रहे हैं और इसके साइजे के बारे में फैसला या तो कल (20 जुलाई) या परसों (21 जुलाई) को किया जाएगा। इस सप्ताह के भीतर हम कर्मचारियों को इस बारे में जानकारी देंगे।”
कर्मचारियों के साथ इस बैठक से ठीक पहले इस संकटग्रस्त स्टार्टअप ने अपने कर्मचारियों को सैलरी में देरी को लेकर ईमेल भेजा था। इसमें कहा था कि जून की अटकी हुई सैलरी और इसके साथ जुलाई और अगस्त की सैलरी कर्मचारियों को सीधे 4 सितंबर को एक साथ मिलेगी। इससे पहले कंपनी ने कर्मचारियो को जून की सैलरी भुगतान के लिए 20 जुलाई की तारीख दी थी।
Dunzo ने जून में अपने करीब 50 प्रतिशत कर्मचारियों- लगभग 500 कर्मचारियों- की सैलरी को इस वादे के साथ रोका था कि बकाया राशि 20 जुलाई तक चुका दी जाएगी। साथ ही उसने नकदी संकट के चलते जून में कर्मचारियों की अधिकतम सैलरी को 75,000 रुपये पर सीमित कर दिया गया था, भले ही उनकी सैलरी इससे कितनी भी ज्यादा क्यों न हो।
क्विक कॉमर्स सेक्टर में कारोबार करने वाली Dunzo की स्थापना 2015 में हुई थी। तबसे अबतक इसने करीब 50 करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटाई है। रिलायंस, गूगल, लाइटरॉक, लाइटबॉक्स, ब्लूमी वेंचर्स सहित कई दिग्गजों ने इस स्टार्टअप में निवेश किया हुआ है। रिलायंस 25.8 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इसकी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है। वहीं Google करीब 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसकी दूसरी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है।
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