क्विक कॉमर्स कंपनी डंजो (Dunzo) के लिए चीजें आखिरकार ठीक होती दिख रही हैं। कंपनी इस समय करीब 2.5 से 3 करोड़ डॉलर (करीब 250 करोड़ रुपये) के फंडिंग राउंड को पूरा करने के करीब है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। Dunzo पिछले काफी समय से नकदी संकट से जूझ रही थी। ऐसे में यह फंडिंग राउंड इसके लिए काफी अहमियत रखता है। अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कंपनी कितने वैल्यूएशन पर इन पैसों को जुटा रही है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि रिलायंस रिटेल, गूगल और लाइटरॉक जैसे कंपनी के अहम निवेशक इस फंडिंग-राउंड में प्रो-रेटा आधार पर भाग ले रहे हैं। प्रो-रेटा आधार का मतबल है कि जिस निवेशक की कंपनी में जितनी हिस्सेदारी है, वह उस अनुपात में कंपनी में भाग ले रहा है।
इससे सभी निवेशकों के लिए उनकी शेयरहोल्डिंग पैटर्न कंपनी में बरकरार रहेगी। हालांकि सूत्रों ने बताया कि रिलायंस रिटेल सुपर-प्रो-राटा आधार पर निवेश करेगी, जिसका मतलब है कि वह Dunzo में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाएगी। डंजो में रिलायंस रिटेल के पास करीब 25.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक है।
वहीं 19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ गूगल इंडिया दूसरी सबसे बड़ी हिस्सेदार है। इसके अलावा लाइटबॉक्स, लाइटरॉक, ब्लूम वेंचर्स जैसे कई बड़े निवेशकों ने भी इस क्विक-कॉमर्स कंपनी में निवेश किया हुआ है।
एक सूत्र ने बताया, "जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल तत्काल कर्मचारियों की सैलरी देने और कंपनी की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।" अगर यह फंडिंग राउंड पूरा होता है तो यह Dunzo के लिए बड़ी राहत होगी। कंपनी को नकदी संकट के चलते हाल में उसके वेंडर्स की ओर से कई कानूनी नोटिस मिले थे। नकदी संकट इतना गहरा है कि कंपनी ने कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं दिया।
मामले से वाकिफ एक दूसरे व्यक्ति ने कहा, "सबकुछ सकारात्मक दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन इसे अंत तक ले जाने की जरूरत है।" Dunzo ने पिछले कुछ महीनों में कई बार फंड जुटाने का प्रयास किया था, लेकिन वह एक भी राउंड पूरा करने में विफल रही।
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