ओला (Ola) के को-फाउंडर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) ने चैटजीपीटी (ChatGPT) को टक्कर देने की शुरुआत कर दी है। उनकी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंपनी, कृत्रिम एसआई डिजाइंस (Krutrim Si Designs) ने शुक्रवार 15 दिसंबर को अपना पहला AI मॉडल लॉन्च किया। यह एक मल्टी-लैंग्वेज मॉडल है, जो कई भाषाओं में जवाब देने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही AI मॉडल को लेकर जारी ग्लोबल कॉम्पिटीशन में अब ओला के फाउंडर भी उतर चुके हैं। उन्होंने अपनी कंपनी का नाम भी काफी सोच समझकर 'कृत्रिम' रखा है, जो आर्टिफिशिय का संस्कृत शब्द है।
कृत्रिम AI मॉडल, कुल 2 आकार में आएगा। पहला बेस मॉडल है, जिसका नाम 'कृत्रिम' है। इसके करीब 2 लाख करोड़ टोकन और विशाल डेटा के साथ ट्रेनिंग देकर तैयार किया गया है। वहीं दूसरा मॉडल का नाम कृत्रिम प्रो (Krutrim Pro) है, जिसे अगले साल की शुरुआत में लॉन्च किया जाएगा। इसे अधिक एडवांस प्रॉब्लम को सॉल्व करने और टास्क को पूरा करने की क्षमताओं से लैस किया गया है।
लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान, अग्रवाल ने अपने AI चैटबॉट का प्रिव्यू दिखा। यह चैटबॉट काफी हद तक ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के बार्ड (Bard) की तरह की काम करता है। यह 22 भारतीय भाषाओं को समझ सकता है और 10 भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट तैयार कर सकता है। कृत्रिम की टीम के सदस्य भारत और अमेरिका दोनों जगहों से काम करते हैं।
कृत्रिम एसआई डिजाइंस को अप्रैल 2023 में लॉन्च किया गया था। अग्रवाल ने इसे कृष्णमूर्ति वेणुगोपाला टेनेटी के साथ मिलकर लॉन्च किया था, जो ANI टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के बोर्ड सदस्यों में से एक हैं। यह ओला कैब्स और ओला इलेक्ट्रिक का मालिक है। अग्रवाल ने पहले एक बयान में कहा था कि कृत्रिम, देश के डेटा संसाधनों का इस्तेमाल करके भारतीय ग्राहकों के लिए बनाई गई एक AI कंपनी है।
इससे पहले भारतीय स्टार्टअप सर्वम ने भी 'ओपनहाथी (OpenHathi)' नाम से एक AI मॉडल लॉन्च किया था, जिसे देश का पहला हिंदी लार्ज लैंग्वेज मॉडल बताया जा रहा है। हाल ही में इस स्टार्टअप ने लाइटस्पीड वेंचर्स, पीक XV पार्टनर्स और खोसला वेंचर्स की अगुआई वाले एक फंडिंग राउंड से 4.1 करोड़ डॉलर जुटाए थे।