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शार्क या डाल्फिन? Shark Tank India के जजों पर भड़के अश्नीर ग्रोवर, सुझाया समाधान भी

बिजनेस रियल्टी टीवी शो शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के पूर्व जज अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) शो के दूसरे सीजन के दौरान हुई डील के पूरा होने में देरी पर भड़क गए। अश्नीर के मुताबिक शार्क इसलिए शार्क हैं क्योंकि वे फटाफट फैसला लेते हैं और तुरंत फैसला लेते हैं ताकि मछलियां यानी पिचर को प्रतिक्रिया करने के लिए समय न मिल सके

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jun 26, 2023 पर 9:27 PM
शार्क या डाल्फिन? Shark Tank India के जजों पर भड़के अश्नीर ग्रोवर, सुझाया समाधान भी
फाउंडर्स डील को लेकर शार्कों पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें पैसे नहीं मिल रहे, शर्तें बदली जा रही, वैल्यूएशन फिर से तय किया जा रहा। इन आरोपों को लेकर अनुपम मित्तल का कहना है कि फाउंडर्स को डील को लेकर शो एयर होने के बाद थोड़ा इंतजार करना चाहिए ताकि वे देख सकें कि क्या वे बाजार से और बेहतर ऑफर हासिल कर सकते है?

बिजनेस रियल्टी टीवी शो शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के पूर्व जज अश्नीर ग्रोवर (Ashneer Grover) शो के दूसरे सीजन के दौरान हुई डील के पूरा होने में देरी पर भड़क गए। अश्नीर के मुताबिक शार्क इसलिए शार्क हैं क्योंकि वे फटाफट फैसला लेते हैं और तुरंत फैसला लेते हैं ताकि मछलियां यानी पिचर को प्रतिक्रिया करने के लिए समय न मिल सके। वहीं अश्नीर के मुताबिक अगर वे कहते हैं कि इसमें समय लगेगा तो उन्हें शार्क नहीं बल्कि डॉल्फिन कहा जाना चाहिए। अश्नीर ने यह टिप्पणी इस शो के जजों यानी शार्कों और इसमें शामिल होने वाले फाउंडर्स के बीच डील होने में देरी, टर्म्स में बदलाव और वैल्यूएशन को लेकर फिर मोलभाव के चलते की है।

क्या है मामला

शार्क टैंक के दूसरे सीजन के एक कंटेस्टेंट यानी फाउंडर ने शो के एक जज यानी शार्क और शादीडॉटकॉम के फाउंडर अनुपम मित्तल से एक डील हासिल किया। शार्क को अगर कोई आइडिया जम जाता है तो वे इस पर निवेश करते हैं। अब यहां ये हुआ कि फाउंडर ने डील हासिल कर ली लेकिन 10 महीने के बाद पहले तय फंडामेंटल्स को लेकर मतभेद हो गए और उनके कारोबार को कमजोर बता दिया गया।

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