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Slice की बढ़ेंगी मुश्किलें, SBM Bank India पीपीआई पर क्रेडिट के लिए अब नए कस्टमर नहीं बनाएगा

स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस इंडिया (SBM Bank India) तब तक नए कस्टमर नहीं बनाना चाहता, जब तक मौजूदा बिजनेस मॉडल के बारे में RBI की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं कर दी जाती। SBM Bank India स्लाइस का प्रीपेड कार्ड पार्टनर है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 18, 2022 पर 6:32 PM
Slice की बढ़ेंगी मुश्किलें, SBM Bank India पीपीआई पर क्रेडिट के लिए अब नए कस्टमर नहीं बनाएगा
SBM Bank India ने इस बारे में कुछ नहीं कहा है कि उन मौजूदा कस्टमर्स का क्या होगा जिन्हें उसके को-ब्रांडेड पीपीआई कार्ड्स के जरिए क्रेडिट लाइन या शॉर्ट टर्म लोन दिए जा रहे हैं।

Slice के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। इसकी वजह यह है कि उसका प्रीपेड कार्ड पार्टनर स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस इंडिया (SBM Bank India) तब तक नए कस्टमर नहीं बनाना चाहता, जब तक मौजूदा बिजनेस मॉडल के बारे में RBI की तरफ से स्थिति स्पष्ट नहीं कर दी जाती। स्लाइस एक फिनटेक यूनिकॉर्न है। टाइगर ग्लोबल ने इसमें निवेश किया है।

SBM Bank India ने इस बारे में Slice और Uni को बता दिया है। उसने कहा है कि डिजिटल लेंडिंग के लिए 10 अगस्त को पहली गाइडलाइंस को RBI का एप्रूवल मिल जाने के बाद वह नए कस्टमर बनाने पर रोक लगाने जा रहा है। SBM Bank India के इस फैसले के बाद उसके को-ब्रांडिंग पार्टनर्स स्लाइस और यूएनआई के पास भी नए प्रीपेड कार्ड पर रोक लगाने के सिवाय दूसरा कोई रास्ता नहीं होगा। हालांकि, स्लाइस यूनिफायड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जैसी दूसरी सेवाओं के लिए नए यूजर्स बना सकेगी।

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मनीकंट्रोल ने इस बारे में एसबीएम बैंक इंडिया से कुछ सवाल पूछे हैं। अभी सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। उधर, स्लाइस ने इस खबर के बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यूएनआई के प्रवक्ता ने पूछने पर बताया कि कंपनी ने 20 जून से नए कस्टमर्स बनाने बंद कर दिए हैं। तब RBI ने स्पष्टीकरण जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि PPI पर क्रेडिट लाइन की लोडिंग की मनाही है।

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