हाइपरलोकल डिलीवरी स्टार्टअप Dunzo अपने मौजूदा कर्मचारियों को नवंबर महीने का वेतन देने में नाकाम रहा है। यह Dunzo में चल रही फाइनेंशियल क्राइसिस का एक और उदाहरण है। हालांकि स्टार्टअप ने इस साल की शुरुआत में रेवेन्यू फाइनेंसिंग फर्म वनटैप के साथ समझौता किया था। लेकिन फिर भी इसका वित्तीय संकट बरकरार है। Dunzo अपने ऑपरेशंस चालू रखने के लिए 2.5-3 करोड़ डॉलर की पूंजी जुटा रहा है। मौजूदा निवेशकों की ओर से और अधिक पैसा भी लगाया जा सकता है।
स्टार्टअप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कर्मचारियों से कहा था, 'हमें अपने निवेशकों से आश्वासन मिला है कि अपेक्षित धनराशि अगले सप्ताह की शुरुआत तक हमें भेज दी जाएगी। जैसे ही यह हमें मिलती है, हम नवंबर की सैलरी रिलीज करने में सक्षम हो जाएंगे। इस निवेश के साथ हमें जनवरी में इक्विटी का राउंड समाप्त होने तक अगले दो माह के लिए सैलरी को मैनेज करने में सक्षम हो जाना चाहिए।'
Dunzo की ओर से कहा गया है कि चूंकि यह ताजा फंडिंग बाहरी कारकों पर बेस्ड है, इसलिए मेंबर्स को सलाह है कि वे 15 दिसंबर 2023 की सबसे खराब टाइमलाइन के लिए तैयार रहें और उसी हिसाब से प्लान करें। इस बीच Dunzo दूसरे विकल्प तलाशना भी जारी रखेगा। स्टार्टअप की ओर से सैलरी में देरी के लिए खेद जताया गया है।
जुलाई 2023 से ठीक से नहीं दे पा रहा सैलरी
जुलाई 2023 से Dunzo ने कर्मचारियों को वेतन देने में देरी की है, सैकड़ों कर्मचारियों को निकाल दिया गया है और यहां तक कि स्टार्टअप ने अपने ऑफिस स्पेस को भी छोड़ दिया है। यह सब कैश फ्लो को मैनेज करने के लिए किया जा रहा है। Dunzo की खस्ता हालत के चलते कई टॉप एग्जीक्यूटिव इसका साथ छोड़ चुके हैं, जिनमें इसके दो को-फाउंडर भी शामिल हैं।
FY23 में घाटा बढ़कर 1,802 करोड़ रुपये
Dunzo का घाटा वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 1,802 करोड़ रुपये हो गया। यह इससे पहले के वित्त वर्ष 2022 में हुए घाटे की तुलना में 288 प्रतिशत अधिक है। TheKredible के माध्यम से प्राप्त फाइलिंग के अनुसार, खर्चों में लगभग चार गुना वृद्धि के कारण Dunzo को वित्त वर्ष 2022 में 464 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023 में स्टार्टअप का कुल खर्च सालाना आधार पर 4 गुना बढ़कर 2,054 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2022 में Dunzo ने 532 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो मुख्य रूप से विज्ञापन खर्च में उछाल के कारण था।