Sunscreen War: एड, बयानबाजी, मुकदमा और फिर सुलह, HUL-Honasa के बीच खत्म हुआ सनस्क्रीन संग्राम

भारत में सन प्रोटेक्शन एक तेजी से बढ़ता बाजार है। Statista के अनुसार, भारतीय सनस्क्रीन बाजार लगभग 83.23 करोड़ अमेरिकी डॉलर का होने का अनुमान है। इंडियन करेंसी में यह 7106.93 करोड़ रुपये के करीब बैठता है। इस बाजार के अगले 5 वर्षों यानि 2030 तक 6 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ रेट से बढ़ने का अनुमान है

अपडेटेड Apr 17, 2025 पर 11:18 PM
Story continues below Advertisement
मामला शुरू होता है HUL के ब्रांड लैक्मे की सनस्क्रीन के एक एड से।

ब्यूटी और पर्सनल केयर ब्रांड मामाअर्थ की मालिक होनासा कंज्यूमर (Honasa Consumer) और दिग्गज FMCG कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के बीच सनस्क्रीन प्रोडक्ट को लेकर ​छिड़ी वॉर अब खत्म हो गई है। दोनों कंपनियां विवादित एडवर्टाइजमेंट हटाने पर राजी हो गई हैं। वही एडवर्टाइजमेंट, जिनके चलते पहले बयानबाजी हुई और फिर बात अदालत तक पहुंच गई। लेकिन अब तूफान के बाद की शांति होती दिख रही है। लेकिन दोनों कंपनियां आखिर किस बात को लेकर भिड़ी थीं?

मामला शुरू होता है HUL के ब्रांड लैक्मे की सनस्क्रीन के एक एड से। लैक्मे के SPF 50 सनस्क्रीन के एड में HUL ने दावा किया कि SPF 50 का दावा करने वाले कुछ "ऑनलाइन बेस्टसेलर सनस्क्रीन" हकीकत में SPF 20 तक का ही प्रोटेक्शन देते हैं। हालांकि HUL ने अपने कैंपेन में किसी ब्रांड का नाम नहीं लिया, लेकिन इमेज और वीडियो में लैक्मे के प्रोडक्ट के साथ दूसरी ओर एक पीली बोतल दिखाई गई। एड में यह भी दिखाया गया कि लैक्मे, अन्य सनस्क्रींस को लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए चैलेंज कर रही है।

"ऑनलाइन बेस्टसेलर सनस्क्रीन"...लैक्मे के एड में इस फ्रेज का इस्तेमाल होनासा कंज्यूमर लिमिटेड (HCL) को नागवार गुजरा। होनासा का तर्क है कि एड में स्पष्ट रूप से उसके एक अन्य ब्रांड द डर्मा कंपनी की सनस्क्रीन को टारगेट किया गया है। यह कंपनी का टॉप सेलिंग प्रोडक्ट है। होनासा ने अपने इस तर्क के पीछे पैकेजिंग में समानता और ऑनलाइन लोकप्रियता का हवाला दिया। इसके बाद होर्डिंग्स पर द डर्मा कंपनी की सनस्क्रीन के एड में लैक्मे का नाम लेकर HUL पर निशाना साधा। सनस्क्रीन के SPF 50 इन-वीवो टेस्टेड होने पर लैक्मे को बधाई दी गई और द डर्मा कंपनी के स्टैंडर्ड की बराबरी करने के लिए स्वागत किया गया।


गजल अलघ ने सोशल मीडिया पोस्ट में सुनाई खरी-खरी

इतना ही नहीं HUL पर निशाना कसते हुए होनासा कंज्यूमर की को-फाउंडर गजल अलघ ने एक लंबी चौड़ी सोशल मीडिया पोस्ट डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री में लंबे समय से अच्छी प्रतिस्पर्धा की कमी है। इसके कारण बड़े ट्रेडिशनल ब्रांड लापरवाह हो गए हैं। साथ ही यह भी कहा, 'ट्रेडिशनल ब्रांड्स को नाम से लेकर पैकेजिंग तक प्रोडक्ट्स की खुलेआम नकल करते हुए देखकर खुशी हुई। हम इनोवेशन करते रहेंगे और रास्ता दिखाते रहेंगे।'

cats

Lakme ने किया पलटवार

इसके बाद लैक्मे ने न्यूजपेपर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान में कहा, 'कुछ ब्रांड जो वर्तमान में ऑनलाइन बेस्ट सेलर लिस्ट में हैं, इन-वीवो टेस्ट किए जाने का दावा कर रहे हैं; हालांकि, उनके इन-मार्केट सनस्क्रीन प्रोडक्ट का सैंपल SPF 50 के दावे के उलट SPF 20 का प्रोटेक्शन देता है।' लैक्मे का कहना है कि वह पिछले 10 साल यानि 2015 से अपने प्रोडक्ट्स का इन-वीवो टेस्ट करा रही है। इन-वीवो, टेस्टिंग का एक क्लीनिकल मेथड है। यह एक लिविंग बीइंग जैसे इंसान, जानवर या पौधे के अंदर की गई बायोलॉजिकल प्रोसेस को रेफर करता है।

Infosys में Q4 में बढ़े 199 एंप्लॉयीज, ​FY26 में 20000 से ज्यादा फ्रेशर्स करेगी हायर

कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला

बयानबाजी के बाद होनासा कंज्यूमर ने HUL के दावों पर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। होनासा का आरोप है कि 'SPF लाई डिटेक्टर टेस्ट' टाइटल से HUL के लैक्मे ब्रांड की सनस्क्रीन के एड कैंपेन ने कॉम्पिटीटिव प्रोडक्ट्स को अनुचित रूप से कमतर आंका है। लिहाजा कंपनी ने HUL का एड हटाए जाने की मांग की। आरोप लगाया कि 'लैक्मे सन एक्सपर्ट SPF 50' एड कैंपेन "झूठा, अपमानजनक, भ्रामक और अनुचित" है। इस पर जज अमित बंसल की सिंगल बेंच ने कहा कि HUL का विज्ञापन "पहली नजर में अपमानजनक है"। लेकिन साथ ही HUL को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए एक दिन का समय दिया।

उन्होंने गुरुवार को होने वाली अगली सुनवाई तक HUL को न्यूजपेपर, बिलबोर्ड या सोशल मीडिया में ऐसे एड चलाने से रोकने से भी इनकार कर दिया। होनासा कंज्यूमर की ओर से अपने एड में लैक्मे का नाम डायरेक्टली इस्तेमाल किए जाने और मुकदमे पर HUL भी चुप नहीं बैठी। उसने भी होनासा कंज्यूमर के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में एक अलग मुकदमा दायर कर दिया।

17 अप्रैल को हो गई सुलह

17 अप्रैल को HUL और होनासा कंज्यूमर दोनों, अपने एड कैंपेन और सोशल मीडिया पोस्ट को विदड्रॉ करने के लिए राजी हो गईं। दिल्ली हाई कोर्ट में HUL ने लैक्मे सनस्क्रीन के एड को वापस लेने का कमिटमेंट किया। वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट में एक साथ हुई सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपने-अपने ऑनलाइन पोस्ट हटाने पर सहमति जताई। अदालत ने पाया कि होनासा की गजल अलघ के कमेंट्स को भी अपमानजनक माना जा सकता है।

दोनों पक्षों ने 24 घंटे के अंदर एड और 48 घंटे के अंदर होर्डिंग हटाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, HUL ने विज्ञापनों में दिखाए गए अन्य प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग का रंग ऑरेंज से बदलकर हल्का पीला करने और “ऑनलाइन बेस्टसेलर” फ्रेज को बदलकर “कुछ सेलर” करने पर सहमति जताई है।एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने HUL की अंडरटेकिंग को मंजूर कर लिया, जिससे आगे किसी निषेधाज्ञा या आदेश की जरूरत के बिना ही मामला प्रभावी रूप से सुलझ गया।

Amazon, Meesho के बाद अब Flipkart में भी WFH खत्म, हफ्ते के पांचों दिन ऑफिस​ से करना होगा काम

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।