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Nazara की दो सब्सिडियरीज के भी पैसे फंसे सिलिकॉन वैली बैंक में, फिर भी इस कारण कंपनी नहीं है परेशान

अमेरिका के दिग्गज बैंक सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) के डूबने का झटका दुनिया भर की स्टार्टअप इंडस्ट्री को लगा है। इसका झटका भारतीय कंपनियों पर भी दिख सकता है और इसमें से एक नजारा टेक (Nazara Tech) भी है। देश की पहली लिस्टेड गेमिंग टेक कंपनी नजारा की दो सब्सिडियरीज का पैसा इसमें फंसा हुआ है। कंपनी की दो स्टेप-डाउन सब्सिडियरीज Kiddopia Inc और Mediawrkz Inc ने इसमें भारी कैश जमा किया है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 13, 2023 पर 12:11 PM
Nazara की दो सब्सिडियरीज के भी पैसे फंसे सिलिकॉन वैली बैंक में, फिर भी इस कारण कंपनी नहीं है परेशान
जब बड़ी टेक कंपनियों ने एसवीबी से अपना पैसा निकालना शुरू किया तो Silicon Valley Bank की दिक्कतें बढ़ने लगीं। टेक कंपनियां इसलिए पैसे निकाल रही थीं क्योंकि उन्हें कर्ज मिलने में दिक्कतें आ रही थीं। ऐसे में एसवीबी दिवालिया हो गई।

अमेरिका के दिग्गज बैंक सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) के डूबने का झटका दुनिया भर की स्टार्टअप इंडस्ट्री को लगा है। इसका झटका भारतीय कंपनियों पर भी दिख सकता है और इसमें से एक नजारा टेक (Nazara Tech) भी है। देश की पहली लिस्टेड गेमिंग टेक कंपनी नजारा की दो सब्सिडियरीज का पैसा इसमें फंसा हुआ है। कंपनी ने 12 मार्च को जानकारी दी थी कि इसकी दो स्टेप-डाउन सब्सिडियरीज Kiddopia Inc और Mediawrkz Inc ने इसमें कुल मिलाकर करीब 77.5 करोड़ डॉलर (64 करोड़ रुपये) का कैश जमा किया हुआ है।

किड्डोपिया इंक पेपर बोड ऐप्स प्राइवेट लिमिटेड की सब्सिडियरी है और इसमें नजारा की 51.5 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं Mediawrkz भी Datawrkz Business Solutions Private Limited की सब्सिडियरी है और इसमें नजारा की 33 फीसदी हिस्सेदारी है। नजारा टेक में दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने भी निवेश किया हुआ था।

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने क्या दी जानकारी

नजारा ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि अमेरिकी फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) अगले हफ्ते डिपॉजिटर्स को एडवांस डिविडेंड जारी करेगी। इसके बाद एसवीबी के संपत्तियों की बिक्री होने पर बाकी पेमेंट्स होंगे। हालांकि नजारा ने यह भी कहा है कि उसकी दौनों सब्सिडियरीज पर एसवीबी के डूबने का असर नहीं है और दोनों के पास पर्याप्त पूंजी हैं, ये पॉजिटिव कैश जेनेरेट कर रही हैं और मुनाफे में हैं। कंपनी का यह भी कहना है कि एसवीबी में जमा पैसों को छोड़ दिया जाए तो भी ग्रुप के पास 600 करोड़ रुपये का कैश और कैश इक्विवैलेंट्स का हेल्दी रिजर्व बना हुआ है।

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